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मध्य प्रदेश: सीएम शिवराज सिंह चौहान के गृहजिले में किसान ने दी जान, नहीं चुका पाया 6 लाख रुपए का कर्ज

फसल की पर्याप्त कीमत न मिलने के कारण वे इस कर्ज को चुका नहीं पा रहे थे।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश में कर्ज के बोझ तले एक और किसान ने आत्महत्या कर ली है। यह घटना इस बार सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अपने गृहजिले सीहोर में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय किसान दुलचंद कीर ने रविवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को इस मामले की शिकायत रेहती पुलिस थाने में दर्ज कराई। थाना इंचार्ज पंकज गीत ने बताया कि किसान की मौत के पीछे की वजह जांच का विषय है लेकिन बता दें कि कीर पर छह लाख रुपए का कर्जा था। वहीं कीर के बेटे शेर सिंह ने दावा किया है कि उसके पिता ने आत्महत्या केवल कर्ज के कारण की है क्योंकि दिन प्रतिदिन कर्ज का भार उनपर बढ़ता जा रहा था।

शेर सिंह ने बताया कि जिस समय कीर ने खुदकुशी की उस समय वह घर में अकेले थे। शेर सिंह जब घर पहुंचा तो उसने देखा कि उसके पिता बेहोश पड़े थे। कीर को लेकर परिजन तुरंत ही रेहती के सरकारी अस्पताल में पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शेर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने बैंक से 4 लाख रुपए का कर्जा लिया था और इसके साथ ही अन्य लोगों का उनपर 2 लाख रुपए का कर्जा था। फसल की पर्याप्त कीमत न मिलने के कारण वे इस कर्ज को चुका नहीं पा रहे थे। उनपर कर्ज का मानों जैसे पहाड़ टूट पड़ा था। इस सबसे परेशान होकर दुलचंद ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।

राज्य में किसान काफी समय से सरकार से कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार है कि उसे किसान का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है। इससे पहले राज्य के होशंगाबाद के सिओनी माल्वा इलाके में 68 साल के किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान का नाम माखन लाल डिंगोलिया बताया गया है। बता दें मंदसौर में किसान अपनी मांगो को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और कर्ज माफी समेत कई मांगे उठाई। इस आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था जिसके चलते पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई थी। किसानों की मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनके परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी।

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