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मध्य प्रदेश: खुले में शौच जाने वाले परिवार पर 75 हजार का जुर्माना

पंचायत द्वारा कई बार हिदायत दी गई, इसके बावजूद जब उन्होंने खुले में शौच जाना बंद नहीं किया, तो पंचायत की सरपंच रामरती बाई और रोजगार सहायक कुंवरलाल ने इस परिवार पर प्रति व्यक्ति 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जोड़कर एक माह का 75 हजार रुपये जुर्माना का नोटिस दे दिया।

Author Published on: September 19, 2017 12:21 AM
भोपाल नगर निगम द्वारा लगाए गए शौचालय।

मध्यप्रदेश में खुले में शौच को रोकने के लिए तरह-तरह के दंड दिए जा रहे हैं, कहीं शिक्षक निलंबित हो रहा है तो कहीं पत्नी के खुले में शौच की सजा पति को मिल रही है। नया मामला बैतूल जिले का है, जहां ग्राम पंचायत ने खुले में शौच जाने वाले एक परिवार पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जानकारी मिली है कि बैतूल जिले के आमला विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रंभाखेड़ी में कुंवरलाल साहू के परिवार में दस लोग हैं। यह परिवार खुले में शौच करता था। पंचायत द्वारा कई बार हिदायत दी गई, इसके बावजूद जब उन्होंने खुले में शौच जाना बंद नहीं किया, तो पंचायत की सरपंच रामरती बाई और रोजगार सहायक कुंवरलाल ने इस परिवार पर प्रति व्यक्ति 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जोड़कर एक माह का 75 हजार रुपये जुर्माना का नोटिस दे दिया।

सरपंच रामरती बाई ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि बार-बार हिदायत देने के बावजूद खुले में शौच जाना बंद नहीं करने वालों पर पंचायत ने जुर्माना लगाकर नोटिस देने की कार्रवाई की है। रोजगार सहायक कुंवर लाल के मुताबिक, एक माह पूर्व हिदायत दी गई, जिसे लोगों ने नहीं माना, परिणामस्वरूप एक परिवार पर 75 हजार रुपये और अन्य 43 ग्रामीणों पर भी अलग-अलग जुर्माना किया गया है। उन्हें नोटिस दे दिए गए हैं। इससे पहले अशोकनगर जिले में एक शिक्षक को खुले में शौच जाने पर निलंबित किया गया था। दूसरा शिक्षक इसलिए निलंबित हुआ, क्योंकि उसकी पत्नी खुले में शौच गई थी।

 

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