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पिछले 15 सालों से इस गांव में नहीं आई कोई बारात, गांव के बाहर जाकर ब्याही जाती हैं बेटियां

15 साल पहले यहां दो सगे भाईयों के बीच हुए विवाद में एक भाई की हत्या हो गई थी तभी से गांव वालों के मन में डर बैठ गया है कि यदि बेटी की शादी गांव से की तो कुछ अनर्थ हो सकता है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश में एक गांव पूरे प्रदेश के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां आरोन के कुसमान गांव में एक अजीब चलन चल रहा है। यहां पिछले 15 साल से किसी भी बेटी की डोली नहीं उठी है। गांव में जिसे भी अपनी बेटियों की शादी करनी होती है वो किसी दूसरे गांव में जाकर करता है। ऐसा यहां पर किसी अपशकुन के डर के कारण हो रहा है। दरअसल 15 साल पहले यहां दो सगे भाईयों के बीच हुए विवाद में एक भाई की हत्या हो गई थी तभी से गांव वालों के मन में डर बैठ गया है कि यदि बेटी की शादी गांव से की तो कुछ अनर्थ हो सकता है।

गांव वालों के मुताबिक आज से लगभग 15 साल पहले दो सगे भाइयों के बीच जमीन के विवाद को लेकर झगड़ा हो गया था। ये झगड़ा इतना बढ़ गया कि विशन नाम के बड़े भाई ने अपने ही छोटे सगे भाई विशन ने हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विशन को जेल तो भेज दिया लेकिन गांव वालों के मन में एक अपशकुन ने घर कर लिया। इस गांव के लोगों की मान्यता है कि अगर गांव में किसी की हत्या हो जाती है तो बेटियों की शादी के लिए उसे शुभ नहीं माना जाता है।

कुसमान ही नहीं बल्कि उसके आसपास के करीब आधा दर्जन गांव में किसी न किसी अंधविश्वास के चलते बेटियों की डोली नहीं उठाई जाती । इनमें रामगिर कला,झांझोन और भादौर गांव भी शामिल हैं। गांव से बाहर जाकर बेटियों की शादी करना ग्रामीणों को काफी खर्चीला लग रहा है। इसलिए अब गांव वाले भी चाहते हैं कि शादी गांव से ही हो। लेकिन उनका डर उन्हें ऐसा करने से बार बार पीछे खींच रहा है। उन्हें अपना डर भगाने के लिए जिले के बड़े अधिकारियों ओर अपने जनप्रतिनिधियों से मदद की आस है। उनका मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी पहल करें तो ये अंधविश्वास दूर हो सकता है। गांव वाले भी चाहते हैं कि 15 साल से सूने पड़े मंदिर और घरों में शहनाईयां गूंजें।

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