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कोरोना संकट: लेने आ सकते हो तो आ जाओ- 200 क‍िमी पैदल सफर के बाद हाईवे पर दम तोड़ने वाले मजदूर के आख‍िरी शब्‍द

Coronavirus in India: कोरोना वायरस को फैलने को रोकने के लिए पीएम मोदी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है। लॉकडाउन के ऐलान के बाद से हजारों लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं।

Author Translated By Ikram मुरैना (एमपी) | Updated: March 30, 2020 8:44 AM
रणवीर की पत्नी ममता मुरैना स्थित घर में। (इंडियन एक्सप्रेस फोटो)

Coronavirus in India: ऑडियो 42 सेकेंड लंबी है, जिसमें चीखने-चिल्लाने की आवाजें हैं। इसमें एक आवाज है जो कहती है, ‘किसी से कहो कि वो तुम्हे मुरैना तक लिफ्ट दे दें। हेल्लो? हेल्लो?’ चंद सेकेंड की शांति। फिर चीखते हुए उसी आवाज ने कहा, ‘100 नंबर को फोन कर लो। क्या कोई एंबुलेंस नहीं है? क्या वो तुम्हें नहीं छोड़ सकते? हेल्लो?’ दूसरी तरफ से फिर भी कोई जवाब नहीं आया। तभी तेज-तेज सांस लेने की आवाजें आईं। मध्य प्रदेश स्थित अपने घर पहुंचने के लिए बेताब रणवीर सिंह (38) उस लॉकडाउन से हार गए, जिन्हें दिल्ली से पैदल घर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी थी। और शायद रणवीर के परिवार के लिए उनके आखिरी शब्द थे जिसमें उन्होंने कहा, ‘लेने आ सकते हो तो आ जाओ।’

यह आखिरी बार था जब परिवार ने रणवीर सिंह (38) की आवाज सुनी। इसके बाद वो थकावट के चलते गिर गए और आगरा में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। करीब 200 किलो मीटर पैदल चल चुके रणवीर को घर पहुंचने के लिए 100 किलोमीटर ज्यादा की दूरी अभी और तय  करनी थी, जो अब कभी पूरी नहीं हो सकेंगी।

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रणवीर उन असंख्य प्रवासी मजदूरों में से एक थे जो काम की तलाश में अपने गावों से बड़े शहरों की तरफ आते हैं। उन शहरों में आज आईसोलेशन और खुद को अलग-थलग रखने के लिए नियम हैं। रविवार (29 मार्च, 2020) को पति की मौत की खबर सुनकर ममता का घर में रो-रोकर बुरा हाल है। उनके आंसू भी सूख चुके हैं।

बीते 22 मार्च को ही उन्होंने रणवीर से फोन पर बात की थी, पूछा कि वो कब लौटेंगे? ममता ने बताया कि इसके जवाब में रणवीर ने कहा, ‘गांव के दो अन्य लड़के लौट रहे थे, मगर वो लौट नहीं सकते। उन्होंने कहा कि वो गांव नहीं आ सकते। वो तुगलकाबाद स्थित एक रेस्तरां में डिलीवरी ब्वॉय का काम करते थे। रेस्तरां खुले हुए थे। उन्होंने हमने अपना ख्याल रखने के लिए कहा।’

रणवीर कालकाजी में डीडीए कॉलोनी के बगल में एक झोंपड़ी में रहते थे। खाने के लिए वो रेस्तरां पर ही निर्भर थे। घर पहुंचने वक्त नेशनल हाइवे पर आगरा के पास उनका निधन हो गया। डॉक्टर और जांच अधिकारियों के मुताबिक रणवीर की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के चलते प्रवासी मजदूरों की एक बड़ी आबादी अपने घरों की तरफ लौट रही है। इनमें बहुत से लोग घर लौट आए हैं जबकि अन्य रास्ते में हैं।

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