ताज़ा खबर
 

पाक तानाशाह जिया उल हक से मोदी सरकार की तुलना, कांग्रेस नेता बोले- फैलाया जा रहा धार्मिक आतंक!

दिग्विजय सिंह का बयान भी शशि थरूर के बयान का एक तरह से समर्थन माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने थरूर के बयानों से किनारा कर लिया है और उसे उनकी व्यक्तिगत राय बताई है।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह।(फोटो: PTI)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तुलना पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह रहे जिया उल हक से की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी के मोदी राज में धार्मिक आतंक फैलाया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने भोपाल में कहा, “अतिवाद से आतंकवाद का जन्म होता है। पाकिस्तान में जब जिया-उल-हक ने धार्मिक अतिवाद को बढ़ावा दिया तो वहां आतंकवाद के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई। ठीक उसी तरह भारत में भी मौजूदा केंद्र सरकार द्वारा धार्मिक अतिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है जो तथाकथित हिंदुत्व है। यह भी उसी तरह का खतरनाक संकेत है।” बता दें कि दिग्विजय सिंह पहले भी भगवा आतंकवाद की बात कह चुके हैं। एक दिन पहले ही कांग्रेस के दूसरे बड़े नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर भी हिन्दू पाकिस्तान पर टिप्पणी कर आलोचना झेल रहे हैं। हालांकि, कई लोग थरूर की टिप्पणी का समर्थन भी कर रहे हैं।

दरअसल, चुनावी मौसम से पहले देश में धार्मिक आधार पर वोटरों के ध्रुवीकरण का खेल शुरु हो चुका है। इसी क्रम में शशि थरूर ने तिरुवनंतपुरम में मंगलवार को कहा था कि अगर 2019 में बीजेपी जीतती है तो न केवल देश का संविधान खतरे में पड़ जाएगा बल्कि देश हिन्दू पाकिस्तान बन जाएगा। यानी देश में हिन्दू आतंकवाद फैल जाएगा। उन्होंने कहा था कि बीजेपी नया संविधान लिखेगी जो भारत को पाकिस्तान जैसे मुल्क में बदलने के लिए रास्ता बनाएगा और वहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का कोई सम्मान नहीं होगा।

दिग्विजय सिंह का बयान भी शशि थरूर के बयान का एक तरह से समर्थन माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने थरूर के बयानों से किनारा कर लिया है और उसे उनकी व्यक्तिगत राय बताई है। दिग्विजय सिंह पहले भी इसी तरह के बयान से सुर्खियों में रह चुके हैं। उन्होंने बटला हाउस एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए थे। बता दें कि जिया उल हक पाकिस्तान के सैन्य शासक थे जिसने 1977 से 1988 तक देश पर शासन किया था। इस दौरान पाकिस्तान में धार्मिक अतिवाद और आतंकवाद ने जबर्दस्त तरीके से पैर पसारा था। 1988 में एक विमान दुर्घटना में जिया उल हक की मौत हो गई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App