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अनाथाश्रम में 6 नाबालिग लड़कियों से रेप, संचालिका के रिटायर्ड प्रोफेसर पिता पर शोषण का आरोप

जांच अफसर आराधना डेविस ने बताया कि पीड़ितों में एक 10 साल की मानसिक रूप से बीमार बच्ची भी शामिल है। सभी पीड़िताओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

Author शिवपुरी/भोपाल | Updated: November 19, 2016 4:49 PM
raoe, rape with minor, minor rapeसूरत सामूहिक दुष्‍कर्म कांड के मुख्‍य संदिग्‍ध को गिरफ्तार किया गया है। (Representative Image)

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में नाबालिग बच्चियों से लंबे समय से रेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक बालिका गृह में रहने वाली 10 से 17 साल की 6 नाबालिग लड़कियों के साथ लंबे समय से रेप करने की बात सामने आई है। इसमें रिटायर्ड प्रोफेसर और समेत दो लोगों की तलाश की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई है। बालगृह को शकुंतला परमार्थ समिति नाम का एक एनजीओ चलाता है, जो एडवोकेट शैला अग्रवाल का है। पुलिस ने शैला को अरेस्ट कर लिया है और उसके रिटायर्ट प्रोफेसर पिता केएन अग्रवाल, उसके भाई राजू और 20 साल के कर्मचारी अतुल को पुलिस तलाश रही है। बालगृह में कुल 24 बच्चे रहते हैं, जिनमें एक सात साल का लड़का भी शामिल है। अनाथाश्रम में रहने वाली कुछ और बच्चियों ने भी अपने साथ छेड़खानी का आरोप लगाया है।

जांच अफसर आराधना डेविस ने बताया कि पीड़ितों में एक 10 साल की मानसिक रूप से बीमार बच्ची भी शामिल है। सभी पीड़िताओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। यह मामला उस समय सामने आया जब दो लड़कियों बालगृह से भागने में कामयाब रही और उन्हें पास के जिले से पकड़ा गया। इसके बाद अन्य पीड़ितों से बात करने पर मामले सामने आया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने इस मामले में शैला और उसके पिता के खिलाफ आईपीसी और पास्को एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।

डेविस ने बताया कि इनमें से कुछ को बालगृह संचालिका के भाई राजू (30) के कपड़े बदलने और नहलाने के लिए रखा गया था। इसके अलावा कुछ और लड़कियों को और भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने बताया कि कुछ पीड़िताएं अनाथ है और वो यह याद नहीं कर पा रही है कि उनके साथ कब से शोषण हो रहा है।

जांचकर्ता ने बताया कि महिला संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस बात की भनक लगने के बाद उसका पिता फरार हो गया है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए एक टीम इलाहाबाद भेजी है। उनके मुताबिक शैला का इलाके के प्रभावशाली लोगों के साथ अच्छा कनेक्शन है। एनजीओ का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया है और वहां रहने वालों को फिलहाल सरकारी हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया है। बाद में उन्हें दूसरे जिले में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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