9 सिमी कार्यकर्ताओं की अदालत में पेशी, निशानदेही पर बरामद किए गए थे घातक विस्फोटक - Jansatta
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9 सिमी कार्यकर्ताओं की अदालत में पेशी, निशानदेही पर बरामद किए गए थे घातक विस्फोटक

इंदौर से 26 और 27 मार्च 2008 की दरम्यानी रात पिस्तौलों, कारतूसों, नकाबों और कथित भड़काऊ साहित्य के साथ गिरफ्तार किया गया था।

Author इंदौर | August 31, 2016 5:40 AM
(representative picture)

देशद्रोह के मुकदमे की सुनवाई के दौरान सिमी सरगना सफदर हुसैन नागौरी समेत इस प्रतिबंधित संगठन के नौ कार्यकर्ता मंगलवार को यहां एक विशेष अदालत में हाजिर हुए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक गवाह ने अपना बयान दर्ज कराया।  कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नागौरी, आमिल परवेज, कमरुद्दीन, शाहदुली, कामरान, अंसार, अहमद बेग और यासीन को अमदाबाद की एक जेल से इंदौर लाया गया। उन्हें विशेष अपर सत्र न्यायाधीश बीके पालोदा के सामने पेश किया गया। इस मामले में जमानत पर छूटा सिमी कार्यकर्ता मुनरोज भी अदालत में हाजिर हुआ। साल 2008 में इंदौर से गिरफ्तार सिमी कार्यकर्ताओं के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधियां निरोधक अधिनियम की संबद्ध धाराओं के साथ भारतीय दंड विधान की धारा 122 (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), धारा 124-क (देशद्रोह) और धारा 153-ख (राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन और भाषण) के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है।

सरकारी वकील विमल मिश्र ने संवाददाताओं को बताया, ‘मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन के गवाह मकसूद ने अदालत में बयान दर्ज कराया कि उसने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की सूची में नाम जुड़वाने के लिए खंडवा के नगर निगम कार्यालय में अपना राशन कार्ड जमा कराया था। लेकिन यह राशन कार्ड इस कार्यालय से गायब हो गया था।’ उन्होंने बताया, ‘पुलिस की जांच में पता चला कि मकसूद के राशन कार्ड के आधार पर दो मोबाइल सिम खरीदी गई थी। ये मोबाइल सिम पुलिस ने सिमी कार्यकर्ताओं के कब्जे से बरामद की थीं।

मकसूद का कहना है कि उसे पता नहीं था कि उसके राशन कार्ड का दुरुपयोग करते हुए सिम कार्ड खरीद लिए गए हैं।’ मिश्र ने बताया कि अभियोजन के दो और गवाह पूनमचंद और भुरू मंगलवार सुबह जिला न्यायालय पहुंचे थे। लेकिन वह बयान दर्ज कराए बगैर ही अदालत से चुपचाप गायब हो गए। इस पर विशेष अदालत ने दोनों गवाहों के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किए हैं। नागौरी और सिमी के अन्य कार्यकर्ताओं को इंदौर से 26 और 27 मार्च 2008 की दरम्यानी रात पिस्तौलों, कारतूसों, नकाबों और कथित भड़काऊ साहित्य के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनकी निशानदेही पर घातक विस्फोटक भी बरामद किए गए थे।

 

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