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एमपी: मुस्लिम कलेक्टर ने सिर पर रखी शंकराचार्य की चरणपादुका, एकात्म यात्रा का किया स्वागत

शंकराचार्य की चरण पादुका को सिर पर उठाये उनकी तस्वीर लोगों ने काफी पसंद की और इसे भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बताया।

मंडला की कलेक्टर सूफिया फारूक़ी ने ना सिर्फ एकात्म यात्रा का स्वागत किया बल्कि शंकराचार्य की चरणपादुका को सिर पर रख कर ले गईं। (फोटो-Twitter/@shishir_heg)

मध्य प्रदेश के मंडला की कलेक्टर सूफिया फारुक़ी ने अपने कदम से समाज में बेहतरीन संदेश दिया है। इस वक्त मध्य प्रदेश में आदि शंकराचर्य की प्रतिमा के लिए धातु संग्रह का काम किया जा रहा है इसके अलावा लोगों में जनजागरण अभियान भी चलाया जा रहा है। इसे एकात्म यात्रा का नाम दिया गया है। मंगलवार (2 जनवरी) को जब ये यात्रा मध्य प्रदेश के मंडला में पहुंचीं तो मुस्लिम समुदाय से आने वालीं कलेक्टर सूफिया फारुकी ने इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर शिरकत कीं। इस मौके पर सूफिया फारुकी ने हिन्दू रीति-रिवाजों से एकात्म यात्रा का स्वागत किया, इस दौरान साड़ी में नजर आ रहीं कलेक्टर साहिबा शंकराचार्य की चरणपादुका को सिर पर रख कर यात्रा में चलीं और चरण पादुकाओं का पूजन भी किया। शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन कार्यक्रम मंडला जिले के चाबी गांव में संपन्न हुआ। इस दौरान वहां स्थानीय विधायक समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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सूफिया फारुकी के इस कदम की सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में काफी तारीफ हुई है। शंकराचार्य के चरण पादुका को सिर पर उठाये उनकी तस्वीर लोगों ने काफी पसंद की और इसे भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बताया।बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य के ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा स्थापित करने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए प्रदेश के गांव-गांव से  लोहा, समेत दूसरे धातु को संग्रहित करने का फैसला किया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए 19 दिसंबर को एकात्म यात्रा की शुरुआत की थी। इस यात्रा की शुरुआत एमपी के उज्जैन से की गई।

एकात्म यात्रा की शुरुआत करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि संतों के नेतृत्व में आदि शंकराचार्य के अद्वैतवाद की जानकारी भारत को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि, ‘आदि शंकराचार्य की प्रतिमा तो ओंकारेश्वर में स्थापित होगी ही, साथ ही यह केन्द्र वेदांत दर्शन के रूप में भी स्थापित होगा।

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