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राजभवन में मंगवाए गए 10 जोड़ी गिल्ली-डंडे, बच्चों को खेलना सिखा रहीं गवर्नर आनंदीबेन पटेल

भोपाल के सरकारी सरोजिनी नायूड स्कूल में पहुंचीं पटेल ने बताया कि उन्होंने राजभवन में दस जोड़ी गिल्ली-डंडा मंगवाए हैं। किसी को यह खेल खेलना है तो वह राजभवन आ सकता है।

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। (फाइल फोटो)

गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक बार फिर सुर्खियों में बनी हैं। दरअसल, राज्यपाल इन दिनों राजभवन में बच्चों संग गिल्ली-डंडा खेल रही हैं। न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार, खुद राज्यपाल ने ही इस बात का खुलासा किया है। भोपाल के सरकारी सरोजिनी नायूड स्कूल में पहुंचीं पटेल ने बताया कि उन्होंने राजभवन में दस जोड़ी गिल्ली-डंडा मंगवाए हैं। किसी को यह खेल खेलना है तो वह राजभवन आ सकता है। इस दौरान पटेल ने यह भी बताया कि बच्चों को क्या-क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे पुराने खेल हमसे छिनते जा रहे हैं। जिन खेलों में कोई पैसा खर्च नहीं होता, वैसे खेल खेलने चाहिए।

बता दें कि पटेल पिछले दिनों तब सुर्खियों में आई थीं, जब सोशल मीडिया में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वह कथित तौर पर भाजपा का प्रचार करती हुई नजर आ रही है। चूंकि राज्यपाल संवैधानिक पद है और इस पर बैठा कोई भी व्यक्ति किसी पार्टी के प्रति निष्ठावान नहीं हो सकता। ऐसे में, तब राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस ने राष्ट्रपति से इसकी शिकायत करने की बात कही थी। दरअसल, जो वीडियो वायरल हुआ, उसमें राज्यपाल भाजपा नेताओं को पार्टी के पक्ष में कैसे वोट हासिल किया जाए, ये बताती नजर आ रही हैं। राज्यपाल कह रही हैं कि आपको तभी वोट मिलेंगे, जब आप किसी जरूरतमंद और कुपोषित बच्चे को गोद लें। अधिकारियों को वोट नहीं चाहिए और मुझे तो जनता का वोट चाहिए।

वीडियो में पटेल कहती नजर आ रही हैं, “16 करोड़ रुपए पड़ा है। आज मैंने पूरे जिले की जांच कर ली है। अब देखिए वो कोई भारी काम नहीं है, अभियान चलाइए।” इसमें कथित तौर अन्य भाजपा नेता कहती नजर आ रही हैं कि जी हम लोगों ने बच्चे गोद लिए हैं। जिला प्रशासन अध्यक्ष ने भी लिया है। पार्षद ने भी लिया है। इस पर राज्यपाल कहती हैं, “सब इकट्ठे कर लो, पार्षद को भी लगाओ। वो भी एक लें। वोट ऐसे नहीं मिलेंगे। वोट ऐसे मिलेंगे। हाथ फिराओगे, तभी वोट मिलेगा। नहीं तो पार्टी को वोट नहीं मिलेगा। गांव-गांव में जाओ। आपको (अधिकारियों से) तो वोट लेना नहीं है, हमें तो लेना है। मैंने गोद लिया है तो उसको मैं ऐसे ही खरीद कर दे दूंगी, खर्च सरकार देगी उसका। तो ही नरेंद्र मोदी का सपना पूरा होगा 2022 का, वरना नहीं होगा। दे दी है गोली खाली, नहीं खाई किसको पता। मां ने देखा ना देखा, किसे पता। पैसे तो सरकार देती है। हर बच्चे को 500 रुपए देती है ना। 500 रुपए का क्या इस्तेमाल होता है, वो तो देखो।”

 

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