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किससे पूछ कर दी कमलनाथ सरकार को ‘फ्लोर टेस्ट’ की चुनौती? अब अपने ही नेताओं से पूछ रही बीजेपी!

मीडिया में सुर्खियों बटोर चुके भार्गव के बयान पर प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंगलवार (21 मई, 2019) को कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बिना किसी तथ्यों की जानकारी के मात्र अनुमान तथा कल्पना के आधार पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिख दिया।

bjpप्रतीकात्मक तस्वीर। (File/Express Photo By Prashant Ravi)

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट की चुनौती दी। उनके इस सियासी बयान ने मीडिया गलियारों में खूब सुर्खियों बटोरीं, मगर एक दिन बाद ही इसकी हवा निकल गई। खुद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उनके बयान पर नाराजगी व्यक्त की। राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल ने प्रदेश भाजपा संगठन से जानकारी लेते हुए पूछा कि क्या नेता प्रतिपक्ष ने उन्हें भरोसे में लिया था। हालांकि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि भार्गव ने सत्र बुलाने के लिए पत्र लिखा था मगर उसका फ्लोर टेस्ट से कोई लेना देना नहीं था।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक भार्गव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया था। तर्क दिया गया कि सदन में कई ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा होना अनिवार्य है। पत्र में सिर्फ सत्र बुलाए जाने की बात कही गई। सूत्र ने बताया, ‘उन्होंने मीडिया में जो अलग-अलग बयान दिए, उसका संदेश यही था कि भाजपा मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराना चाहती है।’ सूत्रों के मुताबिक भार्गव के इन्हीं बयानों से हाईकमान खासा नाराज हो गया। संगठन स्तर पर पूछा गया कि बिना बातचीत किए यह बयान कैसे जारी किए गए, जबकि विधायक दल की बैठक भी नहीं बुलाई गई थी। इन्हीं तमाम बातों को लेकर हाईकमान ने प्रदेश संगठन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है। पार्टी इस बात से भी नाराज है कि भार्गव के बयान के बाद कांग्रेस सतर्क हो गई। जिससे विधायकों के बीच बढ़ रही नाराजगी को उसने काफी हद तक संभालने की कोशिश की है।

वहीं मीडिया में सुर्खियों बटोर चुके भार्गव के बयान पर प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंगलवार (21 मई, 2019) को कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बिना किसी तथ्यों की जानकारी के मात्र अनुमान तथा कल्पना के आधार पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिख दिया। मुख्यमंत्री ने भार्गव को पत्र लिखकर कहा, ‘स्पष्ट है कि आपने बिना किसी तथ्यों की जानकारी के मात्र अनुमान तथा कल्पना के आधार पर माननीय राज्यपाल महोदया को पत्र लिखा है। हम जनहित से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। अगर शासन से जुड़ी हुई कोई भी शंका या सवाल आपके मन में हो तो उसका समाधान करने में मुझे खुशी होगी।’

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