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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले ही Congress से दे दिया था इस्तीफा, मोदी-शाह से मुलाकात के बाद सार्वजनिक की चिट्ठी

सिंधिया ने इस्तीफा सोमवार यानी 9 मार्च को दे दिया था। इसमें उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए आगे बढ़ने का वक्त है।'

गृहमंत्री अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। (Express Photo: Tashi Tobgyal)

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ दी है। इसके लिए औपचारिक तौर पर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा भी सौंप दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक सिंधिया ने इस्तीफा सोमवार यानी 9 मार्च को दे दिया था। इसमें उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए आगे बढ़ने का वक्त है। मेरा मानना है कि मैं कांग्रेस में रहकर अपने राज्य, देश की सेवा नहीं कर पा रहा हूं। मेरा मानना है कि सबसे अच्छा यह है कि मैं अब एक नई शुरूआत के साथ आगे बढूं।’ इसी बीच कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम में सिंधिया ने मंगलवार (10 मार्च, 2020) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद उनका इस्तीफा सार्वजनिक हुआ। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सिंधिया जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है, जिसके बाद पूर्व कांग्रेस नेता को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

सिंधिया का इस्तीफा…

इसी बीच भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने सिंधिया के इस्तीफे पर कहा, ‘वह बड़े नेता हैं, सौम्य नेता हैं, अगर वह पार्टी में शामिल होते हैं तो उनका स्वागत है।’ प्रदेश सरकार में कांग्रेस के कई मंत्रियों सहित 12 से अधिक विधायकों के बेंगलुरु जाने की खबर हैं। इन विधायकों के कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक बताया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि ये विधायक इस्तीफा दे सकते हैं जिससे कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी। मध्य प्रदेश में यह राजनीतिक स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। सिंधिया समर्थक विधायकों का कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपनी अनदेखी से क्षुब्ध हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस मामले में संसदीय दल की बैठक बुला सकती है।

वहीं भाजपा ने आज ही भोपाल में पार्टी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सूत्रों ने बताया कि यह बैठक मंगलवार शाम छह बजे आहूत की गई है और भाजपा ने अपने सभी 107 विधायकों को इसमें शामिल होने के लिए कहा है। इससे पहले सोमवार रात को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह से मुलाकात की थी। सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब दो घंटे चली। समझा जाता है कि इस बैठक में मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा हुई। इससे पहले शिवराज सिंह ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा से भी मुलाकात की। शिवराज आज सुबह भोपाल पहुंच गए हैं। (एजेंसी इनपुट)

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