ताज़ा खबर
 

सिंहस्थ कुंभ में वाल्मीकि संतों के साथ अमित शाह ने किया स्नान

अमित शाह ने भाजपा के सामाजिक समरसता स्नान कार्यक्रम के तहत कुंभ में स्‍नान किया।
Author उज्जैन | May 12, 2016 02:57 am
भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार (11 मई को उज्‍जैन में सिंहस्‍थ कुंभ में क्षिप्रा नदी के वाल्मीकि घाट पर दलित साधुओं के साथ स्नान किया।(Photo: ANI)

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संत समाज के विरोध के बावजूद सिंहस्थ कुंभ में वाल्मीकि समाज के संतों के साथ स्नान करके नई परंपरा की नींव रखी। उन्होंने वाल्मीकि धाम में दलित संतों के साथ अन्य बड़े संतों को एक मंच पर लाकर सम्मानित किया और समरसता का संदेश दिया। भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने कुंभ में दलित समाज के संतों के साथ स्नान करके बड़े वर्ग को अपने साथ खड़ा करने की कोशिश की है।

सरकार ने मुख्यकुंभ क्षेत्र से अलग क्षिप्रा के किनारे वाल्मीकि धाम को सात एकड़ जमीन दी। इस पर नया भव्य मंदिर बनाया गया है। कभी अनजान सी जगह माने जाने वाला मोहनदास का समाधि स्थल अचानक कुंभ में सभी अखाड़ों से ज्यादा चर्चा में आ गया। मूल रूप गुजरात के संत मोहनदास के समाधि स्थल को ही वाल्मीकि धाम का भव्य रूप दे दिया गया। आनन-फानन में सरकार ने वाल्मीकि घाट भी नया बनाया।

Read Alsoगोवा में RSS vs BJP: CM ने अमित शाह से की शिकायत, वेलिंगकर बोले- भाजपा वाले हमें छू भी नहीं सकते

वाल्मीकि धाम के प्रमुख उमेश नाथ ने दलित संतों को जोड़ने की कोशिश की जिसको अमित शाह ने साकार किया। वाल्मीकि धाम में बुधवार (11 मई) को दलित भी काफी संख्या में थे जो खासकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के थे। इस अवसर पर दलित संतों की भी अच्छी संख्या थी। स्नान से पहले संतों के सम्मान में हुए कार्यक्रम में हिंदू समाज के प्रमुख संत भी दलित संतों के साथ बैठे जिससे अच्छा संदेश भी गया। यह पहली बार कुंभ में हुआ है कि प्रमुख संतों के साथ दलित संत भी एक मंच पर रहे। हालांकि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के संगठन किसान संघ ने खुद इस कार्यक्रम की आलोचना की थी। संत समाज में भी व्यापक प्रतिक्रिया हुई थी। इसके चलते समरसता शब्द हटाया गया, पर अमित शाह का ईरादा नहीं बदला।

इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि जिस तरह आदि शंकराचार्य ने पूरे देश को एक रखने के लिए चारों धाम की रचना की और समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधा। इसी मकसद से कुंभ का संचालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार भी इसी भावना की है। इसलिए सरकार संतों की परंपरा को मजबूत करना चाह रही है। संतों का आशीर्वाद मिल रहा है, उनका साथ भी मिल रहा है।

Read Also: दलित समुदाय के संतों के साथ डुबकी लगाएंगे अमित शाह, साधुओं ने लगाई फटकार, कहा-न करें राजनीति

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बुधवार (11 मई) दिनभर कुंभ क्षेत्र में रहे। वाल्मीकि धाम के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार प्रकाशन के चैरेवति में गए जहां सभी प्रमुख अखाड़ों के संतों को सम्मानित किया और साथ में भोजन किया। इस मौके पर शाह ने कहा कि चौथे कुंभ में नहाने की इच्छा भी बुधवार को पूर्ण हुई है। आदि गुरु शंकराचार्य का आज जन्मदिन भी है। दोपहर बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ महाकाल के दर्शन के लिए गए और पूजा अर्चना की।

शाह ने ननौरा में गुरुवार से शुरू होने वाले वैचारिक महाकुंभ की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। दो दिन चलने वाले इस वैचारिक महाकुंभ की शुरुआत संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत करेंगे और इसका समापन प्रधनामंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इसमें विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे। जूनागढ़ अखाड़े के प्रमुख अवधेशानंद, परमार्थ निकेतन के चिदानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरि, सत्यमित्रानंद आदि प्रमुख संत उपस्थित थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.