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मशहूर जादूगर ने ‘गायब’ कर दिया हाथी, हाईकोर्ट में देना पड़ेगा जवाब

जादूगर ने शो में भरे मंच पर हाथी को गायब करने का करतब दिखाया था। इंदौर के पशु प्रेमी संगठन ने आनंद के इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना और पशु पर क्रूरता मानते हुए इंदौर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मध्‍य प्रदेश के वरिष्‍ठ भाजपा नेता और केन्‍द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ जादूगर आनंद। फोटो- Facebook

देश दुनिया में अपने जादुई करतबों से लोगों को हैरान करने वाले जादूगर आनंद अब मुसीबत में हैं। बीते 4 मई से जादूगर आनंद का शो इंदौर के रविंद्र नाट्य गृह में चल रहा है। इस शो में उन्होंने भरे मंच पर हाथी को गायब करने का करतब दिखाया था। इंदौर के पशु प्रेमी संगठन ने आनंद के इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना और पशु पर क्रूरता मानते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब इस मामले में आगामी गुरुवार (24 मई) को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई होगी।

स्टेज से हाथी गायब करते हैं आनंद: बता दें कि इंदौर के रविन्द्र नाट्य गृह में जादूगर आनंद इन दिनों अपना मैजिक शो कर रहे हैं। आनंद यहां दिन भर में तीन शो करते हैं। इसी शो में एक करतब हाथी को स्टेज से गायब करने का भी है। इसके लिए आनंद ने इंदौर के महावत रामेश्वर की ​हथिनी रजनी को किराए पर लिया था। हथिनी रजनी बीमार थी, घायल होने के बाद भी उससे सर्कस में शो करवाया जा रहा था।

जादूगर आनंद के शो में इस्‍तेमाल हाेने वाली हथिनी रजनी। फोटो- Facebook/Kirty Vishesh Mahor

कोर्ट गया पशु प्रेमी संगठन : इंदौर के पशु प्रेमी संगठन प्यूपिल फॉर एनिमल्स को जब रजनी की हालत की खबर लगी तो उन्होंने वन विभाग से शिकायत की। वन विभाग के अफसर हथिनी रजनी की हालत देखने के लिए आनंद के शो में गए। इस पर आनंद ने उन्हें इंदौर के कलेक्टर निशांत बरवड़े का आदेश दिखा दिया। आदेश देखने के बाद वन विभाग के अफसर बैरंग वापस लौट गए। अब पशु प्रेमी संगठन के कार्यकर्ताओं ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

जंगली जानवरों का इस्तेमाल क्रूरता: इस मामले में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले प्रियांशु जैन ने बताया,”हाथी एनिमल वेलफेयर बोर्ड की टाइप-1 कैटेगरी में आता है और उसके घायल होने के साथ ही उसका मैजिक शो में उपयोग करना पशु क्रूरता में शामिल है। ऐसे में हाथी का जादू के खेल में उपयोग नहीं करना चाहिए और उसे उपचार के बाद जंगल मे छोड़ देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सर्कस में जंगली जानवरों के प्रयोग पर 1990 में रोक लगा चुका है। वहीं फिल्मों में जंगली जानवरों के इस्तेमाल के बेहद सख्त नियम हैं।” फिलहाल, इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई के लिये 24 मई की तारीख निश्चित की है।

नहीं है परफॉर्मेंस की अनुमति: बता दें कि, हथिनी रजनी को इंदौर के महावत रामेश्वर से लिया गया है। लेकिन इस मामले में कोई अनुमति नहीं ली गई है। अनुमति सेंट्रल जू अथॉरिटी दिल्ली देता है या एनिमल वेलफेयर ऑफ इंडिया देता है जिसमें महज प्रधान वन संरक्ष्‍ाक से हथिनी रजनी को घुमाने की अनुमति है जिसका लेटर जादूगर आनंद के पास है, लेकिन परफॉर्मेंस की अनुमति उनके पास नहीं है।

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