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MP में भीषण जल संकट: पानी की तलाश में मीलों पैदल जा रहीं बच्चियां, स्कूल जाना छूटा

बैतूल में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यहां रहने वाली लड़कियों को पानी लाने के लिए स्कूल छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन लड़कियों का अधिकांश समय पानी ढोने में ही चला जाता है।

Author बैतूल | June 6, 2019 4:25 PM
मध्य प्रदेश के बैतूल में जलसंकट फोटो सोर्स- एएनआई

देश के अधिकांश इलाके इस समय भीषण गर्मी से परेशान हैं। आसमान से बरस रही आग के चलते लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पानी की कमी ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश का बैतूल जिला इस समय भीषण गर्मी और पानी की कमी से जूझ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यहां रहने वाली लड़कियों को घर के लिए पानी लाने के लिए स्कूल छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन लड़कियों का अधिकांश समय पानी धोने में ही चला जाता है। पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर तक प्रत्येक दिन पैदल जाना पड़ता है। कमोबेश गुजरात के वडोदरा से गुजरने वाली नर्मदा नदी भी सूखे की कगार पर है। कुछ जगहों पर नदी इतनी सूख चुकी है कि लोगों के लिए अब यह पार्किंग स्थल बन चुकी है।

किशोरी ने बताई अपनी समस्या: न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बैतूल जिले की एक किशोरी सीमा विज ने बताया कि हम अपने स्कूलों में नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि हमारा ज्यादातर समय मीलों तक पानी लेने जाने में ही निकल जाता है। गांव की कई लड़कियां पानी की कमी के चलते पहले ही स्कूल छोड़ चुकी हैं। सीमा ने बताया कि हमको हर दिन 3 किलोमीटर पैदल चलकर कुएं से पानी लेने जाना पड़ता है। इसके अलावा इस भीषण गर्मी में भी हमारे यहां बिजली नहीं है, जिसके चलते परीक्षा की तैयारी करने में दिक्क्त होती है।

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गंदा पानी पीने को मजबूर: जिले के एक दूसरे व्यक्ति शरमन ने बताया कि यहां बीते काफी समय से जल संकट है। हमें कुएं का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है जो कि स्वच्छ नहीं है। उन्होंने सरकार से इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। हालांकि स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि उन्होंने इस विषय में स्थानीय प्रशासन को कई बार बताया गया लेकिन इसका हल नहीं निकला।

नर्मदा का हाल: गुजरात के वडोदरा में नर्मदा नदी का हाल बताते हुए 31 वर्षीय राजू माची कहते हैं कि पानी का स्तर इतना कम है कि कोई भी आसानी से नदी पार कर जाए। कभी-कभी बांध से ज्यादा पानी छोड़ने के चलते नौका चलाते हैं। उन्होंने कहा कि कभी लोग इस नदी के पानी से डरते थे। इसने कई बार हमारे घर को डुबोया है। लेकिन आज नदी के किनारे पर खड़ी कारों को देख सकते हैं, जो कि इसके सूखने की तरफ इशारा कर रही हैं।

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