ताज़ा खबर
 

फिर विवाद में व्‍यापमं: 2148 पदों के लिए 519966 अभ्यर्थियों को बताया सफल

परिणामों की चूक को एक दिन बाद ही दुरूस्त करने के साथ जिम्मेदार कम्प्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया है।

Author भोपाल | February 2, 2016 10:15 PM
पीईबी के एक अधिकारी ने बताया कि 16 अगस्त 2015 को वन रक्षक के कुल 2148 पदों के लिये भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें रिक्त पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों का चयन द्वितीय चरण के लिये होना था। (file photo)

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के बाद इस संस्थान का नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) कर दिया गया लेकिन इसके बावजूद इस संस्थान का पीछा विवादों से छूटता नहीं दिख रहा है। अब यह संस्था वनरक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम में हुई चूक के चलते लोगों के निशाने पर है। हालांकि परिणामों की चूक को एक दिन बाद ही दुरूस्त करने के साथ जिम्मेदार कम्प्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया है।

पीईबी के चेयरमैन अरूणा शर्मा ने मंगलवार को बताया, ‘‘वन रक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम में गलती करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर संशोधित सूची जारी कर दी गई है।’’

पीईबी के एक अधिकारी ने बताया कि 16 अगस्त 2015 को वन रक्षक के कुल 2148 पदों के लिये भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें रिक्त पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों का चयन द्वितीय चरण के लिये होना था। लेकिन कम्प्यूटर ऑपरेटर ने गलती से परीक्षा में शामिल हुए कुल 5.5 लाख अभ्यर्थियों में से 5,19,966 अभ्यर्थियों की सूची को सफल अभ्यर्थियों की सूची तौर पर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया, जबकि मेरिट के आधार पर केवल 5,005 अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण के लिये चयनित घोषित करना था। इससे विवाद पैदा हो गया।

उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम में गलती करने वाले ऑपरेटर को निलंबित कर तुरंत ही संशोधित सूची जारी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले मेरिट लिस्ट पहले की सामान ही है केवल दूसरी मेरिट लिस्ट में नियमानुसार परिवर्तन हुआ है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App