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BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय के MLA बेटे आकाश ने बैट से निगमकर्मी को पीटा, कोर्ट ने खारिज की बेल; भेजे गए जेल

आकाश ने घटना के बाद पत्रकारों से कहा था, "ये तो बस शुरुआत है। हम भ्रष्टाचार और गुंडई को खत्म करेंगे। 'आवेदन, निवेदन और फिर दना-दन'। ये हमारा एक्शन में आने का तरीका (लाइन ऑफ एक्शन) है।" वहीं, कांग्रेस ने इस घटना को मुद्दा बनाया और कहा कि बीजेपी इस तरह संस्कारों की अर्थी निकाल रही है।

Author इंदौर | June 26, 2019 9:21 PM
इंदौर से बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगमकर्मी को पीटने के बाद कहा था कि ये उन लोगों की एक्शन लाइन है। (फोटोः ANI)

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय बुधवार (26 जून, 2019) को निगमकर्मी से मारपीट करने पर जेल भेज दिए गए। आकाश समेत 11 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और निगम कर्मचारी के साथ मारपीट करने को लेकर केस दर्ज हुआ। गिरफ्तारी के बाद इंदौर स्थित एक कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया। वह 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं।

दरअसल, आकाश दोपहर को सरेराह गुंडागर्दी पर उतर आए थे। जर्जर इमारत तोड़ने पहुंचे निगमकर्मियों से वह न केवल भिड़े बल्कि उन्हें बैट से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा भी। हैरत की बात रही कि ये सारा मामला पुलिस के सामने का था, पर अच्छी बात थी कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने फौरन बीच-बचाव किया वरना निगमकर्मियों को गंभीर चोटें आ सकती थीं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, घटना से कुछ देर पहले निगमकर्मियों का दस्ता इलाके में अतिक्रमण हटाने आया था। इंदौर से विधायक आकाश ने इसी का विरोध किया और निगमकर्मियों से जा भिड़े। घटना के वीडियो में नजर आया कि मौके पर कुछ पुलिस वाले और भीड़ थी, तभी वहां अचानक से आकाश बल्ला लेकर आए और दौड़ा-दौड़ाकर निगमकर्मी को पीटने लगे। आसपास मौजूद लोग ये देख हैरान रह गए और आनन-फानन उन्हें रोकने लगे, जिसके बाद वहां हो-हल्ला होने लगा। देखें वीडियोः

34 वर्षीय आकाश नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे। उनका आरोप है कि गंजी कंपाउंड क्षेत्र में एक मकान को बेवजह जर्जर बताकर खाली कराने गए निगम अधिकारियों ने इस घर में रहने वाली महिलाओं के साथ बदसलूकी की। आकाश ने पत्रकारों से यह भी कहा, “ये तो बस शुरुआत है। हम भ्रष्टाचार और गुंडई को खत्म करेंगे। ‘आवेदन, निवेदन और फिर दना-दन’। ये हमारा एक्शन में आने का तरीका (लाइन ऑफ एक्शन) है।”

बकौल आकाश, “महिलाओं को बुरी तरह घरों से घसीटकर बाहर निकाला गया था। वहां उस दौरान महिला पुलिस की टीम भी होनी चाहिए थी। मैं वहां जब पहुंचा, तो लोग अधिकारियों पर गुस्सा गए और उन्हें दौड़ा लिया। हम इसके बाद उन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पुलिस थाने गए।”

इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्रा के अनुसार, आकाश समेत 11 लोगों पर भारतीय दंड विधान की धारा 353 (लोक सेवक को भयभीत कर उसे उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिये उस पर हमला), 294 (गाली-गलौज), 323 (मारपीट), 506 (धमकाना), 147 (बलवा) और 148 (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

वहीं, कांग्रेस ने इस घटना को मुद्दा बनाया और आकाश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी। पार्टी का कहना था कि जो भी दोषी हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “कैलाश विजयवर्गीय के विधायक पुत्र आकाश ने एक निगमकर्मी की बल्ले से पिटाई की। जिन्हें बीजेपी के चाल, चरित्र और चेहरे के अच्छे होने का थोड़ा भी भ्रम है, वे इस क्लिप को देख कर आंखें खोल लें। यहां संस्कारों की अर्थियां निकल रही हैं।”

कांग्रेस इससे पहले भी आरोप लगा चुकी है कि चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या फिर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान हों, बीजेपी एमपी को पश्चिम बंगाल बनाने में जुटी है।

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