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मध्य प्रदेश: शिवराज सरकार ने नर्मदा में खनन पर लगायी रोक, विशेषज्ञों की समिति बनाकर मांगी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिये प्रदेश सरकार ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला लिया है।

Author भोपाल | May 22, 2017 4:20 PM
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां संवाददातााओं से कहा, ‘‘नर्मदा नदी से खनन मामले में सुझाव देने के लिए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अगुवाई में आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों सहित एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

मध्यप्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिये प्रदेश सरकार ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही इस समिति की रिपोर्ट आने तक नर्मदा नदी से रेत उत्खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रदेश सरकार ने इसके साथ ही आज से प्रदेश की सभी नदियों में खनन के लिए मशीनों का इस्तेमाल बंद करने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां संवाददातााओं से कहा, ‘‘नर्मदा नदी से खनन मामले में सुझाव देने के लिए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अगुवाई में आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों सहित एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही हमने इस समिति की रिपोर्ट आने तक नर्मदा नदी में खनन गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा प्रदेश की सभी नदियों में खनन गतिविधियों के लिए मशीनों का इस्तेमाल किए जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

चौहान ने बताया कि यह समिति वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कर नर्मदा नदी के पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए अपने सुझाव देगी। समिति नर्मदा नदी को बिना नुकसान पहुंचाये नदी से खनन के संबंध में अपने सुझाव देगी। नर्मदा नदी को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी खनन गतिविधि को रोका जायेगा। इसलिये समिति की रिपोर्ट आने तक नर्मदा में खनन पूरी तरह से बंद रहेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा कि अवैध उत्खनन में लिप्त पाये गये किसी भी वाहन पर अब आर्थिक दंड लगाकर छोड़ा नहीं जायेगा, बल्कि अब इन वाहनों को सीधे जब्त किया जायेगा। मालूम हो कि नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन के मुद्दे को लेकर प्रदेश भाजपा सरकार लम्बे समय से निशाने पर है।

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