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उज्‍जैन: दलित परिवारों में शादी पर एसडीएम का बेतुका आदेश, डीएम बोले- कैंसिल

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महिदपुर के एसडीएम ने अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को कथित तौर पर बेतुका आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि गांव में किसी भी दलित परिवार में शादी होने या बाहर से बारात आने के तीन दिन पहले इसकी जानकारी पास के पुलिस थाने में दी जाए।

बिहार के बांका क्षेत्र में शादी में लड़का पक्ष को पैसे देने पड़ते हैं। (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महिदपुर के एसडीएम ने अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को कथित तौर पर बेतुका आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि गांव में किसी भी दलित परिवार में शादी होने या बाहर से बारात आने के तीन दिन पहले इसकी जानकारी पास के पुलिस थाने में दी जाए। सोशल मीडिया पर इस आदेश की खबर वायरल हो गई। दलित संगठनों विरोध किया। मामला गरमाने के बाद उज्जैन के कलेक्टर ने इस आदेश को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसडीएम जगदीश गोमे ने 16 अप्रैल को तहसील के सभी पंचायत सचिवों को कथित विवादित आदेश जारी किया था। गोमे के आदेश में कहा गया था कि पिछले वर्षो के अनुभव और वर्तमान में नाग गुराड़िया गांव की घटना को देखते हुए समस्त ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देशित किया जाता है कि उनके ग्राम पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग के परिवारों में शादी होती है या बारात बाहर से आती है तो इसकी सूचना तीन पहले या बारात में कोई घटना घटित होती है तो तत्काल संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को लिखित में दिया जाना सुनिश्चत करें।

एसडीएम जगदीश गोमे ने मीडिया को बताया कि 14 अप्रैल को नाग गुराड़िया गांव में बलाई समाज की एक बारात को रात में विभिन्न उच्च जातियों के कुछ लोगों ने रोका था। इस घटना की शिकायत होने पर जांच की गयी और मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसी घटना को देखते हुए एहतियातन यह आदेश जारी किया गया था। हालांकि एसडीएम के इस आदेश के बाद दलित संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और आधिकारी के खिलाफ कारवाही की मांग उठी। इस बीच उज्जैन के कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया- ‘‘एसडीएम के इस आदेश को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने का आदेश पारित कर दिया गया है।’’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसडीएम महिदपुर के इस आदेश के बाद राज्य की सियासत गरमा गई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार अंग्रेजों के कानून लागू कर रही है। महिदपुर प्रशासन के तुगलकी आदेश के चलते दलितों को अब बारात निकालने के लिए थाने से अनुमति लेनी होगी, ऐसा तो अंग्रेजों के राज में, गुलामी के दौर में भी नहीं हुआ था।

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