मध्य प्रदेश के देवास जिले में गुरुवार को कथित तौर पर पटाखा कारखाने में धमाके के बाद आग लग गई जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। अधिकारियों ने अब तक तीन मौत की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया है मृत्कों की संख्या बढ़ सकती है। घटना में 25 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भयावह घटना पर संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, “देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कई लोगों के हताहत होने का समाचार हृदय विदारक है। मैंने जिले के प्रभारी और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं।”

पोस्ट में कहा गया, “मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने और घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल से दिवंगतों की शांति, शोकाकुल परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति तथा दुर्घटना में घायलों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।”

घटना के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि टोंक कलां क्षेत्र में एक कारखाने में धमाका हुआ और आग लग गई। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन का संयुक्त दल मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य में जुट गया है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कारखाने में अवैध तौर पर पटाखे बनाए जा रहे थे और वहां भीषण विस्फोट हुआ।

पुलिस और प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने हालांकि कारखाने में बन रहे उत्पाद को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं की है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार हादसे में घायल हुए 25 लोगों में से 13 की स्थिति गंभीर है। मृतकों की पहचान धीरज, सन्नी और सुमित के रूप में हुई है।

धमाका इतना जोरदार था कि शव के टुकड़े घटनास्थल से 20-25 फीट दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री में बड़ी संख्या में महिला समेत 200 से अधिक लोग काम करते हैं। घटना के वक्त फैक्ट्री की इनसाइड युनिट में 15-20 वर्कर मौजूद थे। धमाके बाद धुंए का गुबार देखने को मिला, जिसे आग की लपटें और भयावह बना रही थीं।

वर्कर अपनी जान बचाने के लिए भागे जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घायल होने के बावजूद कुछ वर्कर खुद ही बाहर आ गए। जबकि कुछ को अन्य लोगों की मदद से बाहर लाया गया। लोगों की स्थिति बेहद खराब थी। धमाका की तीव्रता के कारण आस पास स्थित घरें थर्रा उठीं।