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धार्मिक शहरों के रिसॉर्ट्स को ‘मधुशाला’ बनाएगी कमलनाथ सरकार, बार लाइसेंस देने की हो रही तैयारी

विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कहा कि राजस्व उत्पन्न करने और अपने समर्थकों को बढ़ावा देने कि लिए कांग्रेस सरकार पूजा स्थलों पर शराब बेचने जा रही है।

Author भोपाल | Published on: December 3, 2019 4:49 PM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप में किया गया है। (फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

मध्य प्रदेश की कमलानाथ सरकार ने धार्मिक नगरों मैहर और चित्रकूट के पास स्थित रिसॉर्ट्स को बार लाइसेंस देने का फैसला किया है। पिछली बार शिवराज सिंह की सरकार ने इसे पूरी तरह नकार दिया था। अब इन शहरों के रिसॉर्ट्स को FL-3-A श्रेणी का लाइसेंस दिया जाएगा। बता दें कि इसी तरह के लाइसेंस हैरिटेज क्षेत्र, प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्र और जल पर्यटन के लिए पर्यटन विभाग द्वारा अधिसूचित बांधों और जल क्षेत्रों के पास स्थापित रिसॉर्ट्स को इस तरह के लांइसेंस जारी किए जाएंगे।

लाइसेंस प्राप्त करने की शर्त आसान: कमलनाथ सरकार ने मंदिर के आस-पास क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देनें के लिए, रिसॉर्ट बार लाइसेंस के लिए आसान शर्तें रखी हैं। इन शर्तो को पूरा करने के लिए पहले 10 कमरे की आवश्कता होता थी लेकिन अब इसे घटाकर पांच कमरे कर दिया गया है। कुल क्षेत्र पहले 2 हेक्ट्यर चाहिए होती थी लेकिन अब इसे भी कम कर एक हेक्टयर कर दिया गया है। लाइसेंस शुल्क 2.5 लाख रुपये से कम कर 50,000 रुपये, 1 लाख रुपये और प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये किया गया।

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धार्मिक क्षेत्रों में दिए जाएगें  FL-3-A श्रेणी के लाइसेंस: हालांकि, गुरुवार को वाणिज्यिक विभाग की एक अधिकारिक गजट में एक अधिसूचना प्रकाशित किया था, जो इस फैसले को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। द इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों ने बताया कि यह परिवर्तन बड़े स्तर पर किए गए है। सरकार ने FL-3-A श्रेणी के तहत धार्मिक क्षेत्रों, पर्यटन क्षेत्रों, प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्रों और जल पर्यटन क्षेत्रों को शामिल किया गया  है।

रिसॉर्ट मालिक लाइसेंस लेने के लिए होगें इच्छुक: गौरतलब है कि सरकार के इस फैसले से सांची, भीम बेटिका, खजुराहो, मांडू, ओरछा से पचमढ़ी, गांधीसागर, तवा और बाणसागर तक रिसॉर्ट बार लाइसेंस प्राप्त करना बहुत आसान हो गया है। इनमें से कुछ कस्बों को पहले एफएल -3 श्रेणी (होटल बार लाइसेंस) के लिए आवेदन करने की आवश्यकता होती थी, जिसके लिए लाइसेंस शुल्क बहुत अधिक है। आबकारी अधिकारियों ने कहा कि नए नोटीफिकेशन के अनुसार कई रिसॉर्ट मालिक लाइसेंस लेने के लिए इच्छुक होगें। यहां टूरिस्टो को चोरी से शराब बेची जाती थी लेकिन सरकार को इसका फायदा नहीं मिल रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

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 ‘विधानसभा में कॉलिंग ध्यान प्रस्ताव लाएंगे’: विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कहा कि राजस्व उत्पन्न करने और अपने समर्थकों को बढ़ावा देने कि लिए कांग्रेस सरकार पूजा स्थलों पर शराब बेचनें जा रही है। हम न सिर्फ शराब बल्कि पवित्र कस्बों में घोषित क्षेत्रों में मांस बेचने से भी घृणा करते थे। हम मामले को विधानसभा में उठाएंगे और एक कॉलिंग ध्यान प्रस्ताव लाएंगे। राज्य के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया जिन्होंने पिछली सरकार में वाणिज्यिक कर विभाग को अपने पास रखा था, उन्होंने ने कहा कि इस कदम को “पैसे की मारमारी” (नकदी की कमी) बताया है।

 कांग्रेस सरकार विपरीत दिशा में जा रही है: पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह अक्सर घोषणा करते थे कि वे राज्य में एक भी नई शराब की दुकान नहीं आने देंगे। उन्होंने नर्मदा नदी के किनारे शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालिया नीतिगत बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने चेतावनी दी थी कि भाजपा सांसद को “मदीरा प्रदेश” में परिवर्तित नहीं होने देगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा धीरे-धीरे शराबबंदी की ओर बढ़ रही थी, लेकिन कांग्रेस सरकार विपरीत दिशा में जा रही है।

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