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मध्यप्रदेश: सरकार ने दुकानदारों से कहा रखें शराबियों का रिकॉर्ड, 58 दुकानें बंद करने के भी आदेश

राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बताया कि शराब कारोबारी लगातार खरीदारी करने वाले लोगों के नामों की लिस्ट मेंटेन करेंगे।

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मध्यप्रदेश सरकार ने शराब के खिलाफ जंग छेड़ दी है। राज्य सरकार ने नर्मदा नदी के किनारे से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी शराब की दुकानों को अगले वित्त वर्ष से बंद करने का फैसला लिया है। वहीं राज्य सरकार ने अब शराब की दुकानों को लगातार खरीदारी करने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखने को कहा है। राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बताया कि शराब कारोबारी लगातार खरीदारी करने वाले लोगों के नामों की लिस्ट मेंटेन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “यह जानकारी उन लोगों पर नजर रखने में काम आएंगी जिन्हें शराब की लत लगी हुई है ताकी उनकी लत छुड़ाई जा सके।” वहीं मध्य प्रदेश सरकार बिहार और गुजरात में शराब बंदी के बाद बने क्राइम रेट पर रिसर्च कर रही है ताकी सही फैसला लिया जा सके। हालांकि मलैया ने पूरे राज्य में शराब बंदी लागू करने की अटकलों को सिरे से नकार दिया है।

गौरतलब है मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे से 5 किलोमीटर की दायरे में आने वाली देशी-विदेशी मदिरा की दुकानों को अगले वित्त वर्ष से बंद करने का फैसला लिया है। प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज संवाददाताओं को बताया, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे से 5 किलोमीटर की दायरे में आने वाली 12 जिलों की 58 देशी विदेशी शराब की दुकानों को अगले वित्त वर्ष से बंद करने का निर्णय लिया है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में चल रही ‘नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा’ में इस संबंध में पहले घोषणा की थी कि इन दुकानों की अगले वित्त वर्ष के लिये नीलामी नहीं की जायेगी।’’

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने मध्यप्रदेश की वर्ष 2017-18 के लिये समग्र आबकारी नीति भी अनुमोदित की। प्रदेश के 12 जिलों में डिंडौरी जिले की 2, मंडला जिले की 6, जबलपुर की 3, नरसिंहपुर की 7, रायसेन 3, होशंगाबाद 12, सीहोर 7, हरदा 2, देवास 2, खंडवा 4, धार 4 और खरगोन जिले की 6 शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसमें 39 देशी तथा 19 विदेशी शराब की दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के परिपालन में 1427 दुकानों को हाइवे से 500 मीटर की दूरी पर विस्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।

प्रदेश सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी की दिशा में कदम आगे बढ़ाने के सवाल पर मिश्रा ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के इरादों से ऐसा लगता है।’’ उन्होंने बताया कि इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में इस वर्ष कोई नई मदिरा दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि आबकारी नीति में नशा करके ड्राइविंग करने पर प्रथम बार 6 माह तथा दूसरी बार दो वर्ष के लिए ड्राइविंग लायसेंस निलंबित करने का प्रावधान भी रखा गया है। तीसरी बार में ड्राइविंग लायसेंस निरस्त करने के लिए परिवहन विभाग को लिखा जाएगा।

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