देश के कई इलाकों में एलपीजी संकट गहरा रहा है। इसको लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली की ‘मिमिक्री’ करते हुए बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ये वीडियो एक सरकारी शिक्षक ने बनाया था, जिसके खिलाफ शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कार्रवाई भाजपा के एक विधायक की शिकायत के बाद की गई। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब लोकतंत्र में सवाल पूछना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अपराध बन गया है। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पोहरी विकासखंड के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक साकेत पुरोहित ने हाल में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था।

अधिकारी ने बताया कि कथित वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री की शैली की मिमिक्री करते हुए गैस सिलेंडर की कीमतों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। वीडियो में शिक्षक यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि गैस के दाम बढ़ने से लोग फिर से चूल्हे की रोटी खाने लगेंगे जिससे अमीर और गरीब के बीच की दूरी कम हो जाएगी। शिक्षक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फ़ैल गया, जिसके बाद पिछोर क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत में क्या आरोप लगाया गया?

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक सरकारी शिक्षक द्वारा इस प्रकार प्रधानमंत्री और जनप्रतिनिधियों की मिमिक्री करते हुए टिप्पणी करना सरकारी सेवा आचरण नियमों के विपरीत है और इससे समाज में अनुचित संदेश जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कराई, जिसमें शिक्षक के कृत्य को शासकीय सेवकों के आचरण नियमों के प्रतिकूल माना गया। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत साकेत पुरोहित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

निलंबन आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बदरवास निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। निलंबित शिक्षक साकेत पुरोहित ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि उन्हें न तो कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बिना सुनवाई के की गई कार्रवाई उचित नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब प्रदेश की जनता महंगी गैस, पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई से परेशान है, तब जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय एक शिक्षक को निलंबित करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि आज युवाओं और कर्मचारियों के साथ जो हो रहा है, क्या यह एक बड़ी मिमिक्री नहीं है? उमंग सिंघार ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”मोदी सरकार को यह समझना होगा कि जनता की पीड़ा और सवालों को दबाकर समस्याएं खत्म नहीं होतीं। अगर जनता की समस्याएं जस की तस रहें और सवाल उठाने वालों को सजा दी जाए तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि आवाज दबाने की प्रवृत्ति बन जाती है। सरकार को दंड नहीं, जनता की समस्याओं का जवाब और समाधान देना चाहिए।” पढ़ें इंडक्शन 30 गुना तो केतली की बिक्री हुई दोगुनी

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केंद्र सरकार ने शनिवार को पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैली आशंकाओं को शांत करने की कोशिश की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि खुदरा दुकानों पर स्टॉक खत्म होने की कोई भी घटना सामने नहीं आई है, पेट्रोल और डीज़ल भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं। पढ़ें पूरी खबर