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मध्य प्रदेश: बेटे ने अधिकारी पिता की गाड़ी का काटा चालान, हो रही वाहवाही

यह अपनी तरह का अनूठा मामला है जब किसी शख्स ने ड्यूटी निभाते हुए अपने किसी घरवाले के खिलाफ कार्रवाई की हो। फिल्मों और धारावाहिकों में ऐसी घटनाएं तो दिखाई देती है लेकिन असल जिंदगी में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। अखिलेश सिंह ने ड्यूटी के दौरान जो बर्ताव अपने पिता के साथ किया, उसे देख उनकी टीम में शामिल बाकी लोगों को निश्चित ही प्रेरणा मिली होगी।

(फोटो सोर्स: स्थानीय पाठक केआर चौरसिया)

मध्य प्रदेश पुलिस में सूबेदार के पद पर तैनात एक बेटे ने अपने ही पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की, जिससे उसकी वाहवाही हो रही है। मामला उमरिया जिले का है। दरअसल, कटनी जिले की बोहरीबंद तहसील में एसडीओ के पद पर तैनात आरबी सिंह की गाड़ी का चालान उन्हीं के सूबेदार बेटे अखिलेश सिंह ने काट दिया। आरबी सिंह उमरिया में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए जा रहे थे तो पुलिस ने रास्ते में गाड़ी को रोक लिया। आरबी सिंह की गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी। गाड़ी रुकी तो पिता और बेटे का आमना-सामना हो गया। दोनों एक-दूसरे को देख हैरानी में पड़ गए। सूबेदार बेटे ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि कार्यवाही में कोई भेदभाव न किया जाए। यह देख सूबेदार के पिता ने भी सहजता से सहयोग किया। गाड़ी के शीशों पर लगी काली फिल्म उतारी गई और जुर्माना लिया गया।

बता दें कि सेंट्रल मोटर वाहन नियम 1989 के तहत कुछ मानक तय किए गए हैं, जिनमें से एक गाड़ी के शीशों को लेकर है। नियम के मुताबिक शीशों पर रंगीन या काली फिल्म लगवानी है तो खिड़कियों से विजिबिलिटी यानी दृश्यता 50 फीसदी से कम नहीं होनी चाहिए। वहीं, सामने और पीछे वाले शीशों की विजिबिलिटी 70 फीसदी होनी चाहिए। सूबेदार अखिलेश सिंह ने भी इसी विजिबिलिटी को ध्यान में रखते हुए पिता की गाड़ी से काली फिल्म उतरवाई और चालान काटा।

यह अपनी तरह का अनूठा मामला है जब किसी शख्स ने ड्यूटी निभाते हुए अपने किसी घरवाले के खिलाफ कार्रवाई की हो। फिल्मों और धारावाहिकों में ऐसी घटनाएं तो दिखाई देती है लेकिन असल जिंदगी में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। अखिलेश सिंह ने ड्यूटी के दौरान जो बर्ताव अपने पिता के साथ किया, उसे देख उनकी टीम में शामिल बाकी लोगों को निश्चित ही प्रेरणा मिली होगी।

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