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यूपी के बाद एमपी में भी क‍िसानों से मजाक, प्रधानमंत्री फसल बीमा में 5220 रुपए ल‍िया प्रीम‍ियम, क्‍लेम द‍िया 194 रुपए

यह मुआवजा उसी जिले के किसानों को मिला है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लॉन्च की थी।
अपने खेतों में खड़ा एक किसान। (Photo Source: Indian Express Archive)

उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश में भी किसानों के साथ सरकार ने मजाक किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से सरकार ने प्रीमियम तो अच्छा खासा लिया, लेकिन नुकसान हुआ तो क्लेम के तौर पर उन्हें उनके प्रीमियम की 1-2 फीसदी रकम वापस लौटाई जा रही है। अब मामला मध्य प्रदेश के सिहोर जिले का सामना आया है, जहां पर सोयाबीन की फसल नष्ट होने पर 52 किसानों को कुल 3061.50 रुपए मुआवजे के तौर पर दिया गया है। ये सभी किसान जिले के तिलाडिया गांव के रहने वाले हैं। यह वहीं जिला है, जहां के बुधनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने हैं।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इन किसानों को इसका एक प्रमाण पत्र भी दिया गया है, जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर प्रकाशित है। इन किसानों में सबसे ज्यादा मुआवजा 194.24 रुपए नीला बाई को मिला है। यह मुआवजा 22 एकड़ में उगी सोयाबीन की फसल नष्ट होने पर दिया गया है। रिपोर्ट में नीला बाई के हवाले से लिखा गया है, ‘हमने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 5220 रुपए प्रीमियम भरा था और हमें मुआवजे के तौर पर मात्र 194 रुपए मिले हैं। भगवान जाने इन लोगों ने यह आंकलन कैसे किया है।’

वहीं उत्तम सिंह की दो एकड़ में खड़ी फसल नष्ट हुई है, जिसके बदले उन्हें क्लेम में 17 रुपए मिले हैं। इन्होंने बीमा प्रीमियम के तौर पर 1342 रुपए जमा कराए थे। सिहोर की रेहती तहसील में बादामी देवी को मुआवजे के तौर पर मात्र 4.70 रुपए ही मिले हैं। बता दें, फरवरी 2016 में सिहोर जिले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लॉन्च की थी। जिन किसानों को यह मुआवजा मिला है, उनमें से कई किसानों ऐसे हैं, जिन्होंने इस इवेंट में हिस्सा लिया था।

बता दें, किसान के साथ मजाक का एक मामला उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिला था। मथुरा के एक किसान का एक पैसे का कर्ज माफ किया गया है, जिसको उसके लिए सर्टिफिकेट भी दिया गया है। यूपी में योगी सरकार द्वारा चलाई गई ऋण मोचन योजना के तहत उसका कर्ज माफ होना था। किसान का कहना है कि छह साल पहले पंजाब नेशनल बैंक से 1.55 लाख रुपये का कर्ज लिया था। नई योजना के तहत एक लाख का कर्ज माफ होना था लेकिन हुआ एक पैसे का।

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