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Madhya Pradesh Election: जीत के लिए मंदिरों में हाजिरी लगा रहे नेता, कुछ ने कराई स्‍पेशल पूजा

इन मंदिरों की काफी मान्यताएं हैं। इसलिए इन मंदिरों में मध्य प्रदेश के नेताओं के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे राजस्थान और छत्तीसगढ़ के नेता भी दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

तस्वीर का प्रयोग सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

पांच राज्यों के चुनावी नतीजे 11 दिसंबर को आने वाले हैं। नतीजे आने से पहले नेता अपनी जीत की प्रार्थना करने के लिए मंदिरों का रुख कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के आगर में स्थित बगलामुखी मंदिर, दतिया में पीतांबरा पीठ दोनों ही काफी प्रसिद्ध मंदिरों में से एक हैं। इन मंदिरों की काफी मान्यताएं हैं। इसलिए इन मंदिरों में मध्य प्रदेश के नेताओं के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे राजस्थान और छत्तीसगढ़ के नेता भी दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। इन मंदिरों में नेताओं द्वारा स्पेशल पूजा करने की डिमांड काफी बढ़ रही है। वहीं उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी अक्सर नेता अपनी हाजिरी लगाते रहते हैं। लेकिन इस बार नलखेड़ा के बगलामुखी माता मंदिर में भारी संख्या में नेता आर्शीवाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

टिकट लेने से पहले नेताओं द्वारा इन मंदिरों में हाजिरी लगाई जाती है और अगर उन्हें किसी पार्टी का टिकट मिल जाता है तो वो दूसरी बार अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए फिर पहुंचते हैं और खास पूजा का आयोजन करवाते हैं। यहां कोई शॉटकट वाला मामला नहीं है। पूजा अपने नियमों के तहत ही किए जाते हैं। 20 पंडित मिलकर उम्मीदवार के लिए लगभग 7 घंटे तक मंत्र उच्चारण करते हैं ताकि वो उम्मीदवार चुनाव में जीत हासिल कर सके। इस तरह की एक पूजा करने का खर्च लगभग 30 हजार रुपए आता है। बताया जाता है कि कई नेता भगवान को खुश करने के लिए पांच दिनों तक लगातार पूजा करवाते हैं।

स्पेशल पूजा का खर्च लगभग 60 हजार रुपए –

वहीं अपने विरोधियों को दूर भगाने के लिए पंडितों के द्वारा स्पेशल पूजा कराई जाती है। जिसका खर्च लगभग 60 हजार आता है। इस पूजा में पंडित पूरे दिन मंत्रो उच्चारण करते हैं। जिन उम्मदीवारों के पास समय नहीं रहता है वो लोग अपने खास रिश्तेदारों को इस पूजा में शामिल होने के लिए भेजते हैं। कुछ दिन पहले राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहू पूजा करने के लिए यहां पहुंची थीं।

बीजेपी, कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों के नेताओं की एक लंबी लिस्ट है जो इन दिनों मंदिरों के चक्कर लगा रहे हैं। कृष्णा गौर जो भोपाल के गोविंदपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और आकाश विजयवर्गीय जो कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं। दोनों ही नेताओं ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि वो कुछ दिन पहले दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचे थे।

कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने लगाई मंदिरों में हाजिरी-

कृष्णा गौर ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा कि ‘मैं टिकट लेने से पहले बगलामुखी मंदिर गई थी.. और अभी हाल ही में मैं मतदान के बाद दर्शन करने के लिए पहुंची थी।’ वहीं भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार रामेश्वर शर्मा और कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र सिंह चौहान दोनों ही मतदान के बाद मंदिर पहुंचे थे। पंडितों के मुताबिक अलग-अलग पार्टियों के नेताओं द्वारा बीते कुछ दिनों में लगभग दो हजार हवन कराए गए हैं।

दतिया स्थित पीतांबरा शक्ति पीठ और उज्जैन में महाकाल का मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव से पहले इन मंदिरों में दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। खैर किसकी भक्ति कितनी कारगर साबित होती है वो तो आने वाले 11 दिसंबर को ही पता चल सकेगा। मतदान से पहले तमाम एग्जिट पोल फिलहाल कांग्रेस को जीतता हुआ दिखा रहे हैं।

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