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मध्यप्रदेश में कांग्रेसी विधायकों को 100-100 करोड़ का लालच दे रहे हैं भाजपा नेता: दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश में स्पीकर के चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि हमारे विधायकों को भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने के लिए कई भाजपा नेता 100-100 करोड़ का ऑफर दे रहें है।

दिग्विजय सिंह, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद स्पीकर के चुनाव में पहला शक्ति परीक्षण होगा। कांग्रेस ने जहां एनपी प्रजापति को अपना उम्मीदवार बनाया है तो वहीं भाजपा ने विजय शाह को मैदान में उतारा है। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि कांग्रेसी विधायकों को भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने के लिए कई भाजपा नेता 100-100 करोड़ का ऑफर दे रहें है। उन्होंने इस बात के पुख्ता सबूत होने की बात कही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्पीकर के चुनाव में पार्टी की जीत का दावा किया है। प्रदेश में इससे पहले 1967 में स्पीकर के लिए वोटिंग हुई थी।

बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा में स्पीकर पद के लिए चुनाव होना है। सत्ताधारी कांग्रेस स्पीकर के चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए विधायकों को सदन में वोटिंग करने की प्रक्रिया समझा रही है। इस बीच दिग्विजय ने भाजपा नेताओं पर कांग्रेस विधायकों को 100-100 करोड़ का लालच देने के आरोप लगाया है। एक अखबार से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा- ‘मेरे पास इस बात के पुख्ता सबूत रिकॉर्डिंग में हैं। जरूरत पड़ने पर इसे सार्वजनिक करूंगा।’ मुख्यमंत्री कमलनाथ ने डिनर पार्टी का आयोजन कर चारों निर्दलीय प्रदीप जायसवाल, सुरेंद्र ठाकुर, विक्रम राणा, केदार डाबर और बसपा के संजीव कुशवाह और सपा के राजेश शुक्ला को आमंत्रित किया था। इस डिनर पार्टी को स्पीकर के चुनाव से जोड़कर देखा गया था।

कांग्रेस की तरफ से एनपी प्रजापति उम्मीदवार बनाये गए है। उधर भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार विजय शाह को जिताने की के लिए कमर कस रखी है। इस मसले पर राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और विश्वास सारंग समेत अन्य नेताओं ने देर रात तक बैठक की।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने प्रोटेम स्पीकर के चयन में संसदीय परंपरा तोड़ी है। उन्होंने कहा सदन में जब वरिष्ठ विधायक मौजूद है तो उन्हें प्रोटेम स्पीकर पद के लिए क्यों दरकिनार किया जा रहा है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 2014 में लोकसभा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत होने के बाद भी वरिष्ठतम सांसद होने के नाते हमारी पार्टी ने कमलनाथ को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया था। उन्होंने कहा कमलनाथ ने इस परंपरा को तोड़कर अपने करीबी दीपक सक्सेना को प्रोटेम स्पीकर बनाया है।

मामले में कमलनाथ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आप (भाजपा) मुझे संसदीय परंपराओं के बारे में ज्ञान न दें। में स्वयं लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर रहा हूं। बता दें कि मध्यप्रदेश में 52 साल पहले 1967 में स्पीकर के लिए वोटिंग हुई थी। तब कांग्रेस के काशीप्रसाद पांडे को 172 और सोशलिस्ट पार्टी के चंद्रप्रकाश मिश्रा को 117 वोट मिले थे।

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