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कोरोना के बीच फर्जीवाड़ा और अंधविश्वास! कहीं बाबा ने खिलाई नीम की पत्तियां, तो कहीं नहाने से परहेज; हकीम भी कर रहे फूंकमार

जिस कोरोना के का इलाज देश-दुनिया के वैज्ञानिक नहीं ढूंढ पा रहे हैं। भोपाल से 20 किलोमीटर दूर हर्राखेड़ा और कजलीखेड़ा गांव में कुछ लोग फर्जीवाड़ा और अंधविश्वास फैलाकर कोरोना का इलाज़ कर रहे हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस बीमारी के चलते रोजाना हजारों लोग अपनी जान गवां रहे हैं। लेकिन कुछ लोग इस बीमारी का फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा और अंधविश्वास फैला रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया है।

जिस कोरोना के का इलाज देश-दुनिया के वैज्ञानिक नहीं ढूंढ पा रहे हैं। उसका इलाज़ नीम-हकीम, बाबा और झोलाछाप डॉक्टर कर रहे हैं। हिन्दी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल से 20 किलोमीटर दूर हर्राखेड़ा और कजलीखेड़ा गांव में कुछ लोग फर्जीवाड़ा और अंधविश्वास फैलाकर कोरोना का इलाज़ कर रहे हैं।

हर्राखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग झाड़फूंक की मदद से लोगों का इलाज़ कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक उस बुजुर्ग से एक मरीज ने कहा कि उसे बुखार, कमजोरी और बदन दर्द है। इसपर उसने नीम के झौंरे हाथ में लिए झाड़फूंक की। पत्तियां खिलाईं और बोला ये लग गया इंजेक्शन। इसके बाद उस बुजुर्ग ने मरीज को 4-5 मुनक्के खिलाए और कहा कि ये ग्लूकोज की बोतल चढ़ गई। उसके बाद उसने उसे जमीन पर पैर पटकने को कहा और बोला अब तुम बिलकुल ठीक हो।

इतना ही नहीं बुजुर्ग ने उस मरीज को नीम के पत्ते दिये और कहा कि इसे तकिए में भरकर 7 दिन सोना है। मुट्‌ठीभर मुनक्के दिए और दिन में तीन बार खाने को कहा और एक बोतल पानी दिया इसे शरीर पर बार-बार लगाने से ठीक हो जाओगे।

रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा ही कुछ कजलीखेड़ा गांव में भी देखने को मिला। गांव के एक मदिर में बैठे पंडित से एक शख्स ने कहा कि उसकी पत्नी को कोरोना हुआ है। साथ ही उसने बताया कि उसे भी लक्षण लग रहे हैं। इसपर पंडित ने उसे दूर बैठने को कहा और गेहूं के सात-सात दाने दो मूर्तियों पर रखने को दिये।

पंडित ने कहा कि गेहूं के साथ एक लाल और एक सफेद फूल व एक नीबी मिला कर शीतला मंदिर में रखो। साथ ही उसे भभूति दी और कपड़े में रखकर दाहिनी भुजा पर बांधने का आदेश दिया। इसके बाद पंडित ने शख्स से कहा कि तुम्हें कोरोना नहीं, निमोनिया हुआ है तीन दिन तक नहाना नहीं ठीक हो जाओगे। इतना ही नहीं पंडित ने उससे मोबाइल नंबर देने को कहा ताकि वह उसे रात को झाड़ सके।

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