ताज़ा खबर
 

मध्य प्रदेश: भाजपाई मंत्री से वोटरों ने मांगा 5 साल का हिसाब, गुस्सा हो चल दिए नेताजी

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें शिवराज सरकार के मंत्री और एक मुहल्ले की कुछ औरतों के बीच कथित कहासुनी होती दिखाई देती है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक यह वाकया घटने पर मंत्री उमाशंकर गुप्ता बिना वोट मांगे ही चले गए।

शिवराज सरकार में राजस्व मंत्री और दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर गुप्ता (दाएं) की फाइल फोटो (Image Source: Facebook/@Umashankar.Gupta.MLA)

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में राजस्व मंत्री और भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर गुप्ता को रविवार (11 नवंबर) की सुबह चुनाव अभियान के दौरान लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ गया। उमाशंकर गुप्ता दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से इस बार भी उम्मीदवार हैं और वह जनता से वोट मांगने निकले थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक जनता ने मंत्री से पांच साल के कामकाज का हिसाब मांगना शुरू कर दिया तो वह कथित तौर पर भड़क गए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें शिवराज सरकार के मंत्री और एक मुहल्ले की कुछ औरतों के बीच कथित कहासुनी होती दिखाई देती है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक यह वाकया घटने पर मंत्री उमाशंकर गुप्ता बिना वोट मांगे ही चले गए। बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी 15 वर्षों से सूबे की सत्ता पर काबिज है और चौथे कार्यकार्य की उम्मीद में पार्टी नेता और कार्यकर्ता दिन रात एक कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के ही वरिष्ठ नेता का जनता के साथ कथित रूखेपन के व्यवहार वाला वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर आने से शिवराज की चिंता बढ़ सकती है।

पिछले दिनों शिवराज सरकार के एक और मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह विवादास्पद जातिगत टिप्पणी करते हुए देखे गए थे। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह एक वीडियो में कहते सुनाई दे रहे थे कि ”हमारे खिलाफ होने का मतलब है कि ब्राह्मण को एमएलए बनाना।” मुरैना से बीजेपी विधायक रुस्तम सिंह के जातिगत बयान के खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था।

वीडियो में रुस्तम सिंह स्थानीय बोली में कहते सुनाई दे रहे थे, ”दिल में जो बात आती है कहता हूं, इस समाज के साथ छलावा किया गया है.. जब देखों इनका उपयोग किया गया है.. लोग कहते हैं गुर्जर समाज अकेलो ऐसो मद्दो है कि पानी बह रहो है तो पानी के खिलाफ तैरेंगे.. मतलब ये है.. कि वे नहीं सुनेंगे कोऊ मंत्री-फंत्री की.. वे तो उलटेई तैरेंगे.. बड़े शेर हैं मोड़े भई.. इनके छलावे में नहीं आना.. हमारे विपरीत मामला होने का मतलब ब्राह्मण को एमएलए बनाना है बस.. मैं आपसे बता रहा हूं पहले ही गलती हो चुकी है..।”

वीडियो वायरल होने और पुलिस में मामला दर्ज होने पर रुस्तम सिंह ने बाद में सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि वह बीएसपी के खिलाफ बोल रहे थे और उनके वीडियो के कुछ ही हिस्से को काटकर वायरल किया गया। बता दें कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को चुनाव होना है, इसी को देखते हुए नेताओं ने लोगों से सीधे संपर्क कर वोट मांगना शुरू कर दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App