ताज़ा खबर
 

डीएम से गुहार लगाने पहुंची मासूम- स्कूल वाले मांग रहे अनाथ सर्टिफिकेट, नहीं हो रहा दाखिला

तीन साल की रानी के माता-पिता का देहांत हो चुका है। ऐसे में वह दादा-दादी के पास रहती है, जिनके आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं।

रानी को लेकर गोद में लिए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उसके दादा। (फोटोः यूट्यूब)

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में तीन साल की एक मासूम बच्ची जिलाधिकारी की जन सुनवाई के बीच पहुंची। मासूम के साथ उस दौरान उसके दादा (पालक) भी मौजूद थे, जिन्होंने गुहार लगाते हुए कहा कि बच्ची को स्कूल में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। स्कूल वाले उसके अनाथ होने का सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तीन साल की रानी के माता-पिता का देहांत हो चुका है। ऐसे में वह दादा-दादी के पास रहती है, जिनके आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। मगर वे बच्ची की पढ़ाई-लिखाई के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहते।

ऐसे में उन्होंने शिक्षा के अधिकार (आरटीआई) के अंतर्गत एक निजी में बच्ची को दाखिला दिलाने के बारे में सोचा। मगर स्कूल वालों ने अनाथ सर्टिफिकेट न होने के आधार पर दाखिले से इन्कार कर दिया। दादा राम लाल पटेल का कहना है, “मैंने बच्ची के मां-बाप के मृत्यु प्रमाण पत्र दिए। साथ ही सात दिनों में अनाथ प्रमाण पत्र बनवा कर जमा कराने का आश्वासन दिया। फिर भी उसे दाखिला नहीं मिला।”

HOT DEALS

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि रानी की मां का निधन बीमारी के कारण साल 2015 में हो गया था, जबकि उसके एक माह बाद पिता की भी मौत हो गई थी। देखिए क्या कहना है पीड़ित पक्ष का-

मामले को लेकर एक अधिकारी ने बताया, “रानी के दादा का कहना था कि वह बच्ची का पालन-पोषण नहीं कर सकते। उसे अनाथ माना जाए। पर सरकारी नियमों के मुताबिक, अनाथ का प्रमाण-पत्र महिला एवं बाल विकास विभाग जारी करता है। जनसुनवाई में मामला आया था, जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने आज प्रमाण पत्र देने की बात कही है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App