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Madhya Pradesh: किसान बोले- जब ऋण लिया ही नहीं तो 120 करोड़ की कर्ज माफी कैसे ?

मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की जय किसान ऋण मुक्ति योजना के ऐलान होने के बाद से कई ऐसे किसान सामने आ रहे हैं जिनका कहना है कि उन्होंने लोन लिया ही नहीं तो फिर कर्ज माफी कैसे।

प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की जय किसान ऋण मुक्ति योजना के ऐलान होने के बाद से कई ऐसे किसान सामने आ रहे हैं जिनका कहना है कि उन्होंने लोन लिया ही नहीं तो फिर कर्ज माफी कैसे। किसानों का कहना है कि उनके नाम पर फर्जी तरीके से लोन लिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक अकेले ग्वालियर जिले में ही 2000 से अधिक ऐसे किसान हैं जिनके नाम पर 175 करोड़ से भी ज्यादा का लोन निकाला गया है।

दस साल में 120 करोड़ का फर्जी ऋण: चीनौर और भितरवार इलाके के किसान नेता बृजेंद्र तिवारी का कहना है कि पिछले दस साल में करीब 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया है। जानकारी के मुताबिक चुनाव से पहले बृजेन्द्र तिवारी ने सहकारी बैंक में हुए घोटाले को उठाया, किसान आंदोलन भी किया। वहीं प्रशासन ने घोटालेबाजों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

सहकारी बैंक की शाखाओं पर आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे किसान: कांग्रेस ने अपना वादा पूरा करते हुए किसान ऋण माफी को स्वीकृति दे दी है। जिसके बाद ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर कर्जदारों की सूची चस्पा की गई है। ऐसे में कई किसानों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने ऋण ही नहीं लिया। ऐसे में किसान सहकारी बैंक की शाखाओं पर आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे हैं। वहीं दूसरी ओर ऋण प्रदान करने का रिकॉर्ड समितियों को नहीं मिल रहा है।

1143 किसानों के नाम 5.5 करोड़ लोन, 300 किसान मिले ही नहीं: जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की चीनौर शाखा से उर्वा सोसायटी घोटाला सामने आया। जिसमें 1143 किसानों के नाम पर 5 करोड़ 50 लाख का ऋण वितरण किया गया। लेकिन जब जांच की गई तो सामने आया कि उसमें से करीब 300 किसानों के पते मिले ही नहीं। वहीं कई किसानों ने कहा कि उनका नाम दर्ज है लेकिन उन्होंने ऋण नहीं लिया।

लाल फॉर्म पर भरवा रहे आपत्ति: जब किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो उनसे लाल फॉर्म पर आपत्ति दर्ज कराई गई। ऐसे में बैंक जांच कर पता लगाएगी कि कितने ऐसे मामले हैं जिन्होंने ऋण नहीं लिया। वहीं जांच के बाद किसानों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

दो समितियों के खिलाफ एफआइआर: जिला सहकारी बैंक के प्रभारी महाप्रबंधक मिलिंद सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि बैंक में गबन करने वाली दो समितियों के खिलाफ एफआइआर करा दी गई है। सहकारिता से रिकॉर्ड मिलाने के बाद दो एफआइआर कराने जा रहे हैं। किसानों की जो आपत्तियां आ रही हैं, उनकी जांच की जाएगी।

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