Rajasthan News: राजस्थान के स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने नई दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को यह कहकर उचित ठहराया है कि परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस की प्रतिक्रिया कम थी, जबकि दो महीने पहले ही उन्होंने नीट पेपर लीक को कोई बड़ी बात नहीं बताया था।
जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए दिलावर ने कहा, “मेरा मानना है कि जिस तरह से गुंडागर्दी हुई, उस प्रकार से जो कुछ किया गया था, वह कम थी।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को गुंडों के दबाव के कारण इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है।
पुलिस ने संयम से काम लिया – मदन दिलावर
मदन दिलावर ने कहा, “पुलिस ने बहुत संयम से काम लिया। वो लोग जैसा कृत्य कर रहे थे, उनके ऊपर यही होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि वास्तविक NEET उम्मीदवारों और प्रदर्शनकारियों में अंतर है, और दावा किया कि असामाजिक तत्वों ने विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ की है और मेहनती छात्रों को बदनाम कर रहे हैं।
मदन दिलावर ने कहा, “आपको यह जानकर हैरानी होगी कि NEET परीक्षा देने वाले और डॉक्टर बनने की चाह रखने वाले उम्मीदवार ऐसा काम नहीं कर सकते थे। वे अच्छे लोग हैं लेकिन कुछ गुंडों और बदमाशों ने उन्हें बदनाम किया; कुछ गद्दारों ने इसमें (विरोध प्रदर्शन में) घुसपैठ की और वे देश के बारे में गलत सोचते हैं। नारे क्या थे? आपको आश्चर्य होगा, ‘हमें भारत से आजादी चाहिए’, ‘मेक इन इंडिया नहीं, लिक इन इंडिया’ – वे क्या कहना चाहते हैं? उन्होंने भगवान राम के खिलाफ नारे लगाए, माता सीता का अपमान किया।”
‘विपक्ष थक चुकी है’
मदन दिलावर ने कहा, “जो लोग भारत से आजादी चाहते हैं और अल्लाहु अकबर के नारे लगा रहे हैं, देश को तोड़ने की बातें कर रहे हैं, वे टुकड़े-टुकड़े गिरोह में शामिल हो गए हैं, वे कभी देश के साथ नहीं रह सकते। वे महिलाओं के सामने अपने कपड़े उतारकर अपने शरीर के अंग दिखा रहे हैं। क्या यह छात्रों का काम है?” उन्होंने कहा कि विपक्ष थक चुका है और जानता है कि पीएम मोदी को हराया नहीं जा सकता, इसलिए वह इस तरह की “षड्यंत्र” का सहारा ले रहा है, जिसमें उन पर गोलियां चलाई जाती हैं और सरकार को बदनाम किया जाता है।
उन्होंने कहा, और आगे जोड़ा, “हो सकता है कि वे श्रीलंका और नेपाल में हुए (सरकार विरोधी प्रदर्शनों की) पुनरावृत्ति करना चाहते हों, लेकिन यह हिंदुस्तान है। ऐसा सोचना भी पाप होगा।” पिछले साल झालावाड़ में एक स्कूल की इमारत गिरने की घटना के मद्देनजर अपने इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “जिस दिन मुख्यमंत्री मुझसे इस्तीफा देने को कहेंगे, मैं उसी दिन इस्तीफा दे दूंगा।”
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची होगी, ताकि वे कोई अप्रिय घटना घटित कर सकें। उन्होंने कहा कि जब NEET का पेपर लीक हुआ था, तब सरकार ने दोषियों की पहचान कर उन्हें जेल में डाल दिया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित त्वरित अदालतों के माध्यम से उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
पिछली सरकार का याद दिलाया कामकाज
राजस्थान सरकार के मंत्री ने कहा कि अशोक गहलोत की पिछली सरकार के कार्यकाल में करीब डेढ़ दर्जन प्रश्न पत्र लीक हुए थे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि इसके लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं, क्योंकि परीक्षा का संचालन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड करता है। अब क्या बदल गया है? इसलिए, मैं कांग्रेस, वामपंथियों और आपियों से पूछना चाहता हूं कि आप किस आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं?
इससे पहले मई में, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा पेपर लीक के कारण राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द करने के संदर्भ में, दिलावर ने जोधपुर में पत्रकारों से कहा था, “जांच एजेंसियों को कुछ अनियमितताएं मिली होंगी और इसलिए उन्होंने इसे रद्द करने का फैसला किया। तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी, सरकार उन्हें ठीक करने के लिए काम करेगी।”
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दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन खत्म हो चुका है, सरकार ने छात्रों की सारी मांगे मान ली है। प्रदर्शन की ओर से अगुवाई कर रहे सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से फिर चर्चा की और अपनी सभी मांगों से अवगत कराया, जिस पर सरकार की ओर से दोनों नेताओं ने हामी भी भरी। पढ़िए पूरी खबर…
