Lucknow Crime News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की सरोजनीनगर पुलिस ने एक शख्स को दवा कारोबारी से तीस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी जो कारोबारी का पूर्व कर्मचारी है ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी की मांग की थी।

जान से मारने की धमकी देते हुए चिट्ठी भेजी

फार्मास्युटिकल गोदाम के मालिक को आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए एक चिट्ठी भेजी और 30 लाख रुपये की मांग की। कारोबारी ने सरोजनीनगर पुलिस से मामले की शिकायत की, जिसने बाद पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि मामला 30 जनवरी को सामने आया, जब विकल्प खंड में रोहित रेजीडेंसी के निवासी शिकायतकर्ता गौरव बत्रा ने सरोजनीनगर पुलिस से संपर्क किया।

उन्होंने बताया कि हिंदनगर ट्रांसपोर्टनगर में उनके फार्मास्युटिकल गोदाम, करुण एंटरप्राइजेज में एक ड्यूटी गार्ड को उनके नाम पर एक सीलबंद लिफाफा मिला था जिसमें एक हैंडरिटेन लेटर मिला था। लेटर में 15 दिनों के अंदर 30 लाख रुपये का भुगतान करने की मांग की गई थी। पत्र में धमकी दी गई है कि अगर मांग पूरी नहीं की गई तो गौरव और उनके कर्मचारियों को एक एक करके मार दिया जाएगा।

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धमकी भरे पत्र में यह भी कहा गया था कि अगर वह फिरौती देने के लिए सहमत है, तो उसे अपने घर के सामने एक झंडा लगाना होगा, जिसके बाद उसे बताया जाएगा कि रकम कहां पहुंचानी है। नोट पर नीचे लिखा गया था ‘बिश्नोई गैंग, पूर्वाचल (पूर्वी यूपी)’।

शिकायत के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4) के तहत एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच के लिए चार स्पेशल पुलिस टीम गठित की गईं। एसीपी, कृष्णानगर, रजनीश कुमार ने कहा कि जांचकर्ताओं ने गोदाम और ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में और उसके आसपास लगे लगभग 100 सीसीटीवी कैमरों से फुटेज स्कैन किए।

सफलता तब मिली जब फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति को स्कूटर पर आते हुए, गार्ड को लिफाफा सौंपते हुए और चुपचाप मौके से भागते हुए देखा गया। सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने दोपहर करीब 12.20 बजे उमेश कुमार यादव (38) को रहीमाबाद रोड से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किया गया स्कूटर, पहचान छुपाने के लिए पहना गया हेलमेट और शॉल बरामद किया गया।

पुलिस को बताया, “पूछताछ के दौरान, यादव ने कबूल किया कि वह पहले करुण एंटरप्राइजेज में कार्यरत था, लेकिन कथित तौर पर बकाया भुगतान नहीं होने के बाद अगस्त 2025 में उसने नौकरी छोड़ दी। वो कर्ज में दबा हुआ है, इसलिए उसने ऐसा करने का सोचा। उसने वेब सीरीज देखकर पूरी प्लानिंग की थी।”

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