लखनऊ के अलीगंज में जब इमारत में आग लगी तो लोगों के साथ ही कुछ जानवर भी वहां फंस गए थे। इनमें बिल्ली, कुत्ते और एक तोता था। आग लगने के बाद सबसे पहले एक भूरे रंग की बिल्ली को पुलिसकर्मी बाहर लेकर आया। उसकी खाल काली पड़ गई थी और वह बेजान हो गई थी।

कुछ देर बाद एक और बिल्ली आई वह पिंजरे में थी और डरी हुई थी। एक-एक करके कई और जानवरों को बाहर लाया गया। इनमें कुल 8 बिल्लियां, 7 कुत्ते और एक तोता था। यह सभी डरे हुए थे लेकिन जिंदा थे।

इस बिल्डिंग के बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर पालतू जानवरों की दुकान यानी पेट शॉप और क्लिनिक था। दूसरी मंजिल पर स्टूडियो था।

लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि पालतू जानवरों की दुकान में आग लग गई है, उन्होंने पशुओं के डॉक्टर की तीन सदस्यों वाली टीम को मौके पर भेज दिया।

स्थानीय लोग और संगठन तुरंत मौके पर पहुंचे

इसके साथ ही पशुओं के लिए काम करने वाले कई संगठन जैसे- जीव आश्रय और आसरा द हेल्पिंग हैंड्स के साथ ही कई स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोग जानते थे कि यहां पर पेट शॉप है।

जीव आश्रय से जुड़े शुभम प्रताप सिंह ने बताया कि बिल्लियों, कुत्ते और तोते को शुरुआती इलाज देने के बाद हमने उन्हें गोमती नगर में अपने आश्रय स्थल में ट्रांसफर कर दिया। यहां उनकी देखभाल की जा रही है।

आसरा द हेल्पिंग हैंड्स की प्रतिनिधि चारू खरे ने बताया कि उन्होंने इस अग्निकांड में बचाई गई तीन बिल्लियों को अपने क्लीनिक में भर्ती कराया है, उनका इलाज चल रहा है और हम उनकी निगरानी भी कर रहे हैं।

लखनऊ अग्निकांड: बिल्डिंग को गिराने का आदेश वापस क्यों लिया?

लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को जिस तीन मंजिला बिल्डिंग में आग लगी थी, उसे 2016 में गिराने का आदेश दिया गया था लेकिन दो माह के अंदर ही उस आदेश को वापस ले लिया गया। बिल्डिंग को गिराने का आदेश अवैध निर्माण के चलते दिया गया था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।