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निचली अदालतों ने एक दशक से लटके 21,000 मामले निपटाए

दरअसल 31 दिसंबर, 2015 तक विभिन्न राज्यों की समूची जिला अदालतों में कुल 2,00,60,998 मामले लंबित थे। इनमें से 83,00,462 मामले दो साल से कम समय से लंबित हैं जबकि 21,72,411 या 10.83 प्रतिशत 10 साल से अधिक समय से लंबित हैं।

Author नई दिल्ली | May 23, 2016 2:09 AM
Anti Encroachment Campaign, Anti Encroachment Campaign in Jammu, FIR, FIR in Jammu, FIR Against Officials, Government Land, Selling Government Land, Government Land in Jammu, Encroachment Campaign, State newsजमीन से बेदखल किए गए लोगों ने जमीन की बिक्री करने वालों की जानकारी साझा की थी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

देश की निचली अदालतों ने पिछले महीने समूचे भारत में पिछले 10 साल से लंबित 21 लाख से अधिक मामलों में से करीब 21,000 मामलों का निपटारा किया। न्यापालिका जहां लंबित मामलों को निपटाने के क्रम में है, वहीं नए मामले लगातार जुड़ते जा रहे हैं। अप्रैल में निचली अदालतों में 5,77,834 नए मामले दायर हुए। राष्ट्रीय न्यायिक आंकड़ा ग्रिड द्वारा जुटाए हालिया आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में निचली अदालतों ने 20,835 मामले निपटाए, जिनमें 13,645 फौजदारी एवं 7190 दीवानी मामले थे।

दीवानी मुकदमे में आम तौर पर अनुबंध एवं लापरवाही से हुए नुकसान के मामलों की सुनवाई होती है। फौजदारी मामलों में ऐसे कृत्य शामिल हैं जिन्हें पूरे समाज के लिए हानिकारक समझा जाता है। दरअसल 31 दिसंबर, 2015 तक विभिन्न राज्यों की समूची जिला अदालतों में कुल 2,00,60,998 मामले लंबित थे। इनमें से 83,00,462 मामले दो साल से कम समय से लंबित हैं जबकि 21,72,411 या 10.83 प्रतिशत 10 साल से अधिक समय से लंबित हैं। तीन मई तक उत्तर प्रदेश की अदालतों ने एक दशक से लंबित पड़े 5556 मामले अप्रैल में निपटाए। इनमें से 1804 दीवानी जबकि 3752 फौजदारी मामले थे। इसके बाद गुजरात की निचली अदालतों ने पिछले एक दशक में लंबित मामलों में 3489 मामले निपटाए जिनमें 1600 दीवानी और 1889 फौजदारी मामले शामिल हैं। महाराष्ट्र में 3287 मामले निपटाए गए जिनमें 1011 दीवानी और 2276 फौजदारी मामले हैं।

एक लिखित जवाब में कानून मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने पिछले साल लोकसभा में सूचित किया था कि 2014 में निचली अदालतों ने 1,9019,658 मामलों का निपटारा किया है। वर्ष 2014 में देश के 24 हाई कोर्ट ने 17,34,542 मामले निपटाए और दिसंबर, 2014 तक हाई कोर्ट में कुल 41.53 लाख मामले लंबित थे। पिछले साल एक दिसंबर तक सुप्रीम कोर्ट ने 44,090 मामले निपटाए, जबकि दिसंबर 2015 के शुरू तक लंबित मामलों की संख्या 58,906 थी। सुप्रीम कोर्ट की ई-कमिटी ने समूचे देश की जिला अदालतों में लंबित मामलों का आंकड़ा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय न्यायिक आंकड़ा ग्रिड शुरू किया है।

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