राजस्थान सरकार ने कथित जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर रिटायर्ड आईएएस अफसर सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने की मांग की है। राजस्थान के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) के पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, “हमने नई दिल्ली में इमिग्रेशन ऑफिस को लुक आउट सर्कुलर के लिए आवेदन भेज दिया है। अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे इसे कब जारी करेंगे।”

पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि सुबोध अग्रवाल को देश छोड़ने से रोकना बेहद जरूरी है। सुबोध अग्रवाल 1988 बैच के आईएएस अफसर हैं और वह 31 दिसंबर, 2025 को रिटायर हुए थे। इससे कुछ दिन पहले ही भजनलाल शर्मा सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी।

अग्रवाल पर है जांच एजेंसियों की नजर

सुबोध अग्रवाल लोक स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम कर चुके थे। अग्रवाल जल जीवन मिशन के टेंडरों में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोपों के चलते जांच एजेंसियों के रडार में हैं।

सूत्रों के अनुसार, एसीबी ने 17 फरवरी को सुबह 4 बजे जयपुर में अग्रवाल के घर पर छापा मारा लेकिन वह वहां नहीं मिले। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पिछले दिन रात करीब 9 बजे घर से निकलते हुए देखा गया।

क्या होता है लुक आउट सर्कुलर?

लुक आउट सर्कुलर के जरिए सरकार किसी भी शख्स को देश छोड़ने से रोक सकती है, हिरासत में ले सकती है या उसके देश छोड़ने पर रोक लगा सकती है। जब भी किसी शख्स के खिलाफ कोई लुक आउट सर्कुलर जारी किया जाता है तो सभी एयरपोर्ट, बंदरगाह और लैंड बॉर्डर्स पर अलर्ट भेज दिया जाता है। इस अलर्ट में उस शख्स को भारत छोड़ने से रोकने का निर्देश होता है।

राजस्थान के जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटाले में 960 करोड़ रुपये के टेंडरों में गड़बड़ियां सामने आई हैं। मामले की जांच कर रहे अफसरों के अनुसार, दो कंपनियों ने नकली सर्टिफिकेट जमा करके टेंडर हासिल किए थे।

इस मामले में कई स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद नौ वरिष्ठ अफसरों की गिरफ्तारी की गई थी। बुधवार को सभी नौ आरोपियों को आगे की जांच के लिए तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

महेश जोशी की मुश्किलें बढ़ीं

इस कार्रवाई से कांग्रेस नेता महेश जोशी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। महेश जोशी इस कथित घोटाले के समय पीएचईडी मंत्री थे। बीते साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने महेश जोशी को इस मामले में गिरफ्तारी के सात महीने बाद जमानत दे दी थी।

इतना बड़ा घोटाला! CM ने अपनी ही मंत्री के खिलाफ बिठाई जांच

मध्य प्रदेश में बीते साल जल जीवन मिशन में राज्य की मंत्री संपतिया उइके पर घोटाले के आरोप लगे थे। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।