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अखिलेश के शेरों को ढेर होने से बचाएंगे लंदन और अफ्रीका के विशेषज्ञ

पिता मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लायन सफारी में आठ शेर और शावकों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अब लायन सफारी के शेरों को विदेशी विशेषज्ञों की मदद से संरक्षित करने के लिए कमर कस ली है।

Author इटावा | January 18, 2016 11:19 PM
इटावा लॉयन सफारी प्रोजेक्ट (फाइल फोटो)

पिता मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लायन सफारी में आठ शेर और शावकों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अब लायन सफारी के शेरों को विदेशी विशेषज्ञों की मदद से संरक्षित करने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री को यह कदम देशी विशेषज्ञों के नाकाम होने के बाद उठाना पड़ रहा हैं।

इटावा लॉयन सफारी को अब विश्वस्तरीय पहचान दिलाए जाने की पहलकदमी की जा रही है। इसी के चलते मुख्यमंत्री के बुलावे पर ब्रिटेन से आए लॉन्गलीट्स सफारी के डाइरेक्टर आॅपरेशनल डॉ. जोनाथन कै्रकनैल ने लखनऊ आकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की । इस मुलाकात में मुख्यमंत्री और डॉ. जोनाथन के बीच लायन सफारी इटावा को विश्व स्तरीय पहचान दिलाए जाने के साथ ही शेरों की बीमारी और उपचार पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान डॉ. जोनाथन ने इटावा लॉयन सफारी के अपने भ्रमण-अनुभव मुख्यमंत्री से साझा किए। उन्होंने कहा कि लायन सफारी का विकास अत्यन्त सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। आने वाले समय में यह सफारी वन्य जीव प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र होगा।

डॉ. जोनाथन ने अपने प्रतिष्ठान की ओर से लायन सफारी के विकास में भागीदारी करने का भी आश्वासन भी दिया। माना जा रहा है कि लायन सफारी विशेषज्ञ डॉ. जोनाथन इटावा के लायन सफारी में शेरों के अलावा अन्य वन्य जीवों का प्रबंधन भी करेंगे । डॉ. जोनाथन द्वारा यूपी के प्रमुख सचिव (वन) संजीव सरन को इस संबंध में जल्द ही एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी । इसके बाद सूबे की सरकार डा. जौनाथन से एक एमओयूए साइन करेगी जो पहले पांच वर्षों के लिए होगा।

लंदन से तकरीबन 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लॉन्गलीट्स सफारी 100 एकड़ में फैला हुआ है जबकि इटावा लायन सफारी 800 एकड़ में। 50 साल से भी ज्यादा समय से शेरों को संरक्षित करने का अनुभव रखने वाले लॉन्गलीट्स सफारी में मौजूदा समय में 50 शेर हैं। मुख्यमंत्री को इटावा लॉयन सफारी की प्रेरणा लॉन्गलीट्स सफारी से ही मिली । लॉन्गलीट्स सफारी का दौरा करने के बाद ही अखिलेश ने इटावा लायन सफारी को मूर्तरूप देने का निश्चय किया था।

मुख्यमंत्री की पहलकदमी के बाद अब लायन सफारी में शेर ढेर नहीं होंगे। इन्हें बचाने के लिए विदेशी डॉक्टरों की सलाह ली जा रही है । लंदन के डॉक्टर आ चुके हैं। जल्द ही अफ्रीका के डॉक्टर भी लायन सफारी का जायजा लेंगे। लायन सफारी में एक के बाद एक तीन शेर और पांच शावकों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने सफारी की व्यवस्थाओं को चुस्त- दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है।

तमाम प्रयास के बाद स्थानीय चिकित्सक शेरों को बचाने में नाकाम रहे लिहाजा सरकार विदेशी प्राणी चिकित्सकों से परामर्श ले रही है। इतना ही नहीं ब्रीडिंग सेंटर की व्यवस्थाओं में भी भारी फेरबदल हो रहा है। लायन सफारी पहुंचे लंदन के पशु चिकित्सक जोनाथन ने कई अहम बदलाव के सुझाव दिए हैं। उनके साथ ही अफ्रीका के डॉक्टरों से भी संपर्क साधा जा रहा है। भविष्य में कुछ और विदेशी विशेषज्ञों के भी सफारी पहुंचने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसके बाद सफारी में शेरों का कुनबा बढ़ेगा और पर्यटकों के लिए सफारी के दरवाजे खुल जाएंगे।

लंदन के डॉ. जोनाथन ने यहां शेरों को दिए जाने वाले मीट को तैयार करने की प्रक्रिया जानी और देखा कि कहां पर पशुओं का वध किया जाता है और किस प्रकार से उस मीट को शेर के सामने परोसा जाता है। उन्होंने सफारी प्रबंधन को सलाह दी है कि शेरों को काटे गए मांस के बजाय बजाए खाल सहित जानवर परोसा जाए ताकि उन्हें शिकार करने का एहसास हो। इससे शेरोंका पाचन तंत्र भी मजबूत रहेगा और बीमारियों से लड़ने की क्षमता में भी इजाफा होगा।

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