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Loksabha election 2019: टीवी शो में एंकर मना करते रहे, पर बीजेपी प्रवक्ता पी गए बोतल भर ‘गंगा जल’- फिर लगाने लगे नारा

एंकर के पानी की स्वच्छता पर सवाल उठाने पर बीजेपी प्रवक्ता अशोक पांडे को गंगा की निर्मलता का प्रमाण देने के लिए गंगाजल पीना पड़ा।

शो के दौरान एंकर और बीजेपी प्रवक्ता। (फोटो सोर्स: Video grab image)

Loksabha election 2019: गंगा के पानी को अमृत के समान माना जाता है। गंगा नदी के जल की स्वच्छता को लेकर कई दावे किए जाते रहे हैं। केंद्र सरकार ने नमामि गंगे के जरिए गंगा के पानी को साफ करने का कदम भी उठाया है। सरकार का कहना है कि अगले साल मार्च तक गंगा नदी पूरी तरह से साफ हो जाएगी। लेकिन जब एक टीवी शो के दौरान बीजेपी प्रवक्ता के सामने गंगा के गंदे पानी से भरी एक बोतल लाई गई तो उन्होंने इसे हर-हर महादेव का नारा लगाते हुए गटक लिया। एंकर के पानी की स्वच्छता पर सवाल उठाने पर बीजेपी प्रवक्ता अशोक पांडे को गंगा की निर्मलता का प्रमाण देने के लिए गंगाजल पीना पड़ा।

दरअसल बनारस के अस्सी घाट से टीवी9 भारतवर्ष के लाइव शो में एंकर जब गंगा की स्वच्छता को लेकर बीजेपी प्रवक्ता से सवाल कर रहे थे तो उस दौरान एक शख्स गंगा जल से भरी पानी की बोतल लेकर आ गया। बोतल को अपने हाथ में लेकर एंकर ने पानी की स्वच्छता पर कई सवाल खड़े किए। इसके बाद बीजेपी प्रवक्ता ने एंकर के मना करने के बावजूद भी ‘हर-हर महादेव’ बोलते हुए बोतल में बंद गंगा जल को गटक लिया।

वह यही नहीं रुके पानी गटकते हुए उन्होंने कहा ‘यह इटालियन लोग गंगा के महत्व को नहीं समझते। प्रवक्ता इस दौरान लगातार ‘गंगा मैया जय’ के नारे लगा रहे थे। तभी एक और शख्स घाट से कप में पानी लेकर आ जाता है और एंकर इसे भाजपा प्रवक्ता के सामने रख देते हैं। जिसके बाद वह कहते हैं कि लोग तो मुझे इटली से भी पानी लाकर दे सकते हैं। हालांकि इसके बाद एंकर उन्हें और पानी पीने से मना कर देते हैं। एंकर कहते हैं कि हम नहीं चाहते की आपकी तबियत खराब हो। इस पर वह कहते हैं मेरी तबियत खराब नहीं होगी क्योंकि मां गंगा का जल अमृत है।

बता दें कि 2014 में सत्ता में आते ही उसने गंगा की सफाई के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने का निर्णय लिया था। केंद्र सरकार ने नमामि गंगे योजना को गंगा की सफाई के लिए सबसे उपयुक्त योजना बताते हुए इसकी शुरुआत की थी। इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 5 साल का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मार्च 2020 तक गंगा 100 प्रतिशत स्वच्छ होगी जाएगी।

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