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Lok Sabha elections 2019: गाजियाबाद में 57.60 फीसद मतदाताओं ने किया मतदान, दिल्लीवालों को हुई परेशानी

दिल्ली से सटे इंदिरापुरम, वैशाली, साहिबाबाद, राजनगर एक्सटेंशन, नोएडा, गे्रटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। उनमें से अधिकतर लोगों का दफ्तर दिल्ली में हैं।

Author April 12, 2019 5:23 AM
मतदान करने के बाद अपने समर्थकों के साथ केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार वीके सिंह।

निर्भय कुमार पांडेय 

गाजियाबाद और नोएडा लोकसभा के लिए पहले चरण के तहत गुरुवार को मतदान किया गया। इस दौरान सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ मतदान केंद्रों पर जुटने लगी थी। पर उन मतदाताओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिनके दफ्तर दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम में हैं। यहां की कई निजी कंपनियां और दफ्तर खुले हुए थे। इस कारण कई ऐसे मतदाता थे, जो मतदान करने से भी वंचित रह गए। हालांकि, कुछ कंपनियों और दफ्तरों ने मतदाताओं को मतदान करने के लिए छुट्टी दे दी थी। पर कई ऐसी कंपनियां और दफ्तर थे, जो अन्य दिनों की तरह ही खुले रहे। इस कारण उन कंपनियों और दफ्तर में काम करने वाले मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित रह गए।

नोएडा सेक्टर-45 में रहने वाले संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उनका दफ्तर गुरुग्राम में है। गुरुग्राम में आगामी 12 मई को मतदान होना है। सुबह आठ बजे ही वे दफ्तर के लिए निकल गए थे। इस कारण वे मतदान नहीं कर सके। वहीं, नोएडा सेक्टर-37 में रहने वाले मोहित शर्मा ने बताया कि वे सुबह छह बजे ही मतदान करने के लिए पहुंच गए थे, लेकिन लाइन लंबी थी। इस कारण बिना मतदान किए ही उनको दफ्तर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसा नहीं होता था। पूरे दिल्ली-एनसीआर में एक दिन मतदान होता था। इस कारण दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले मतदाताओं को परेशानी नहीं होती थी। पर इस बार चुनाव आयोग की इस व्यवस्था से उत्तर प्रदेश में रहने वाले मतदाताओं को परेशानी हुई।

एनसीआर में रहने वाले करते हैं दिल्ली में काम

दिल्ली से सटे इंदिरापुरम, वैशाली, साहिबाबाद, राजनगर एक्सटेंशन, नोएडा, गे्रटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। उनमें से अधिकतर लोगों का दफ्तर दिल्ली में हैं। इसके साथ ही नोएडा में रहने वाले कई ऐसे आइटी प्रोफेशनल हैं, जो गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। इसके साथ ही नोएडा में रहने वाले कुछ लोग फरीदाबाद स्थित कंपनियों में काम करते हैं, पर दफ्तर में छुट्टी नहीं होने के कारण कुछ लोग इस बार लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सके। इसके अलावा मेरठ, मोदीपुरम के अलावा मुरादाबाद से भी लोग दिल्ली में काम करने के लिए आते हैं। दफ्तर पहुंचने के लिए सुबह जल्दी निकला होता है। इस कारण इन इलाकों में रहने वाले मतदाताओं को भी परेशानी हुई।

कार्य दिवस होने की वजह से परेशानी
इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने बताया कि यह सारी दिक्कत कार्य दिवस होने की वजह से हुई। दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम में आगामी 12 मई को लोकसभा के लिए मतदान होना है। उस दिन रविवार है। रविवार को सरकारी और गैर सरकारी अधिकतर दफ्तर में छुट्टी होती है। इस कारण जो लोग दिल्ली, फरीदाबाद या फिर गुरुग्राम में रहते हैं। उन्हें मतदान करने में परेशानी नहीं होगी।
गाजियाबाद में 57.60 फीसद मतदाताओं ने किया मतदान

विक्रांत चौधरी
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में हाईप्रोफाइल सीट बनीं गाजियाबाद लोकसभा सीट पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान का शाम 6 बजे संपन्न हुआ। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रितु माहेश्वरी और एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल के अलावा प्रेक्षकों ने मतदान पर पूरी निगाहें बनाई रखीं। अर्धसैनिक बल, पीएसी और पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले में शाम छह बजे तक 57.60 फीसद मतदान हुआ। पूर्व के चुनाव के सापेक्ष इस बार थोड़ा अधिक मतदान हुआ। इसी के साथ तीन प्रमुख दलों के दिग्गजों समेत 12 प्रत्याशियों का भाग्य अब ईवीएम में कैद हो गया। प्रदेश की सबसे बड़ी लोकसभा सीट होने के चलते यहां पर 27 लाख 26 हजार 132 मतदाता हैं। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार बनाने के लिए हो रहे आम लोकसभा चुनाव की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने के लिए यूगांडा के प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद पहुंचे नोडल अधिकारी संजय दुआ ने यूगांडा के प्रतिनिधिमंडल को जनपद के विभिन्न मतदान केंद्रों का भ्रमण कराया। इस प्रतिनिधिमंडल में नोएडा के भी कुछ मतदान केंद्रों को भ्रमण किया।

मतदान के दौरान भोपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र के बाहर बीएलओ के पास थैले से 100 से अधिक लोगों के मतदान पहचान पत्र मिले। एक प्रत्याशी ने संदेह होने पर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने पूछताछ के दोनों बीएलओ को छोड़ दिया। एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी को मामले की जांच दी है। सीओ साहिबाबाद डॉ. राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि जांच में पता चला कि महिला बीएलओ है। वह किसी कारणवश लोगों के पहचान पत्र नहीं बांट सकी थी। महिला के पास से बरामद करीब 100 मतदाता पहचान पत्रों को कब्जे में ले लिया गया है। महिला को छोड़ दिया गया हैं।

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