ताज़ा खबर
 

लोकसभा चुनाव 2019: तीन पूर्व राजघरानों के दंगल में उतरने से रोचक मुकाबला

राज्य के लोकसभा चुनावों में हर बार कांग्रेस और भाजपा पूर्व राजघरानों पर दांव खेलती रही है। इनमें कोटा, जोधपुर, भरतपुर, उदयपुर और बीकानेर के राजघरानों के सदस्य कई बार सांसद बने हैं।

Author April 12, 2019 9:56 AM
जयपुर राजघराने की और राजसमंद की भाजपा उम्मीदवार दीया कुमारी का कहना है कि उन्हें राजपरिवार की होने के कारण टिकट नहीं मिला है।

राजस्थान में राजनीतिक दलों का पूर्व राजघरानों से मोह अभी तक बरकरार है। इस बार के लोकसभा चुनाव में झालावाड़, अलवर और राजसमंद सीटों पर पूर्व राजघरानों के राजकुमार और राजकुमारी मैदान में उतरे हैं। भाजपा ने झालावाड़ से धौलपुर राजघराने के दुष्यंत सिंह को एक बार फिर मौका दिया है। भाजपा ने इस बार राजसमंद सीट से जयपुर के पूर्व राजघराने की दीया कुमारी को मैदान में उतारा है। इसी तरह से कांग्रेस ने अलवर राजघराने के भंवर जितेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। इनमें से दुष्यंत सिंह और जितेंद्र सिंह तो पूर्व में भी लोकसभा में पहुंच चुके हैं पर दीया कुमारी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं।

राज्य के लोकसभा चुनावों में हर बार कांग्रेस और भाजपा पूर्व राजघरानों पर दांव खेलती रही है। इनमें कोटा, जोधपुर, भरतपुर, उदयपुर और बीकानेर के राजघरानों के सदस्य कई बार सांसद बने हैं। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में तो कांग्रेस की तरफ से जोधपुर की चंद्रेश कुमारी, अलवर के भंवर जितेंद्र सिंह और कोटा के इज्यराज सिंह लोकसभा सांसद रहे हैं। पूर्व राजघरानों के इस बार उतरे सदस्यों में से सबसे रोचक चुनाव राजसमंद सीट का है। भाजपा ने इस सीट पर जयपुर घराने की दीया कुमारी को मैदान में उतारा है। दीया कुमारी जयपुर शहर और टोंक-सवाई माधोपुर सीट से दावेदारी जता रही थीं पर पार्टी ने अब उन्हें दूर की राजपूत बहुल सीट राजसमंद से उम्मीदवार बनाया है। दीया कुमारी सवाई माधोपुर से विधायक रही हैं और पिछले विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया गया था। दीया कुमारी ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से उन्हें जयपुर शहर से टिकट देने की खूब गुहार लगाई थी। जयपुर से उनकी दादी गायत्री देवी 1962, 1967 और 1971 में लगातार तीन बार सांसद रही थीं। उनके पिता भवानी सिंह ने 1989 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जयपुर से लड़ा था पर उन्हें उसमें हार मिली थी।

भाजपा ने जब जयपुर और टोंक-सवाई माधोपुर सीट के टिकट घोषित कर दिए तो दीया कुमारी ने राजसमंद में अपना प्रचार शुरू भी कर दिया था। झालावाड़ सीट पर धौलपुर राजघराने के और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह चौथी बार सांसद का चुनाव लड़ने के लिए फिर से मैदान में हैं। इस सीट से उनकी माता वसुंधरा राजे 1989 से पांच बार सांसद बनीं। राजे के प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने के बाद उन्होंने इस सीट को बेटे को सौंप दिया। इसी तरह से अलवर से कांग्रेस टिकट पर मैदान में उतरे भंवर जितेंद्र सिंह इस सीट से पूर्व में दो बार सांसद रह चुके हैं। उनकी माता महेंद्र कुमारी भी इस सीट से सांसद रही है। प्रदेश के लोगों में अभी भी पूर्व राजघरानों के प्रति आकर्षण बना हुआ है। इसके कारण ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल पूर्व राजघरानों को टिकट देने से कोई परहेज नहीं करते हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव में तीनों पूर्व राजघराने अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

जयपुर राजघराने की और राजसमंद की भाजपा उम्मीदवार दीया कुमारी का कहना है कि उन्हें राजपरिवार की होने के कारण टिकट नहीं मिला है। इससे पहले वे विधायक भी रही हैं और भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता की हैसियत से काम करती रही हैं। पार्टी ने अब उन्हें राजसमंद सीट जीतने की जिम्मेदारी दी है। दीया ने कहा कि उनका चुनाव तो कार्यकर्ता लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा शानदार जीत हासिल करेगी और नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि वे राजसमंद क्षेत्र के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहेंगी और विकास में कोई कमी नहीं आने देंगी। केंद्र में राजसमंद क्षेत्र का सक्षम तरीके से प्रतिनिधित्व करेंगी। झालावाड़ के उम्मीदवार दुष्यंत सिंह का कहना है कि 2004 से लगातार तीन बार इस क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। क्षेत्र की जनता से उनका पारिवारिक नाता बन गया है। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान का लगातार प्रयास करता रहता हूं। जनता एक बार फिर से उन्हें लोकसभा में प्रतिनिधि बना कर भेजेगी, इसका पूरा भरोसा है। अलवर से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व राजघराने के भंवर जितेंद्र सिंह का कहना है कि क्षेत्र की जनता उनके पूरे परिवार पर बहुत भरोसा करती है। इसलिए कई बार उन्हें और परिवार के सदस्यों को चुनावों में जीत मिली है। क्षेत्र की जनता के सुख दुख में हमेशा साथ रहने वाला व्यक्ति हूं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App