ताज़ा खबर
 

Lok Sabha Election 2019: वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं ? इस ऐप की मदद से जानें

मिसिंग वोटर्स ऐप की मदद से कोई भी शख्स आसानी से जान सकता है कि उसका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं।

Author Updated: March 27, 2019 6:43 PM
मिसिंग वोटर ऐप का स्क्रीनशॉट

2019 के लोकसभा चुनाव करीब 2 हफ्ते बाद शुरू हो जाएंगे। ऐसे में कई लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि वो ये बात कैसे पता करें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं? या कहीं ऐसा तो नहीं कि इस बार की लिस्ट में उनका नाम हट गया हो। ऐसे सभी सवालों का जवाब देता है ‘मिसिंग वोटर्स’ ऐप।

सोफिया को वोटर लिस्ट में नहीं मिला उनका नाम: ओखला की 25 साल की सोफिया फातिमा (जो दूसरी बार मतदाता करेंगी) ने अपना नाम भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की वेबसाइट पर गायब पाया। तब उनके पति ने तब उन्हें ‘मिसिंग वोटर्स’ ऐप के बारे में बताया, जिसके बारे में उसे एक दोस्त ने बताया था। ऐप डाउनलोड करने के बाद सोफिया ने खुद को रजिस्टर किया। करीब एक हफ्ते में ही उनका नाम लिस्ट में जुड़ गया है। इसी तरह, उत्तर प्रदेश के 21 वर्षीय एमडी अनस, जो दिल्ली के जामिया नगर में रहते हैं, के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं था। लेकिन मिसिंग वोटर्स ऐप से उन्होंने यह काम भी कर दिया।

किसने बनाया है ऐप: इस ऐप को हैदराबाद स्थित खालिद सैफुल्लाह के रेलाब्स टेक्नोलॉजीज ने बनाया है। खालिद ने कहा कि उन्होंने पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान इस पर काम करना शुरू कर दिया था। बता दें कि राजिंदर सच्चर समिति के सदस्य सचिव अबुशलेह शरीफ और सैफुल्ला ने मतदाता सूची का अध्ययन किया था और दावा किया था कि कर्नाटक में लगभग 20 प्रतिशत मुसलमान मतदाता सूची से गायब थे। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया- करीब 12 लाख नए मतदाताओं को तीन सप्ताह में ऐप के माध्यम से नामांकित किया गया था।

National Hindi News Today LIVE: पढ़ें आज के के सभी बड़े अपडेट्स

सूची में गायब थे कई लोग: कर्नाटक में सफलता से उत्साहित सैफुल्ला ने ईसीआई वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों को पढ़ा और दावा किया कि कम से कम 10 प्रतिशत मतदाता मतदाता सूची से गायब थे। उन्होंने कहा, “देश के लगभग 90 करोड़ मतदाताओं में से सात करोड़ लोग गायब हैं’। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लापता लोगों में से अधिकांश मुस्लिम और दलित थे।

 

कैसे लगाया मिसिंग वोटर्स का पता: सैफुल्ला ने कहा केवल एक पंजीकृत मतदाता वाला कोई भी घर उनके लिए लाल झंडा था। उन्होंने पाया कि अन्य धार्मिक समूहों के बीच सिर्फ एक मतदाता वाले परिवारों का प्रतिशत 11 था, जबकि मुसलमानों और दलितों के मामले में यह 20 था। सैफुल्लाह ने कहा कि ECI की प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। लेकिन एक शिक्षित व्यक्ति ईसीआई की वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत और फिर से रजिस्टर कर सकता है। वहीं ऐप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- किसी भी व्यक्ति को काफी लंबा फॉर्म भरना होता है। इसके साथ ही पहुंच, जागरूकता और साक्षरता का भी एक बड़ा मुद्दा सामने आ जाता है। वहीं दूसरी ओर ऐप आसानी से इस्तेमाल हो सकती है और साथ ही उससे फॉलो अप करना भी आसाना होता है।

ऐप के कितने यूजर्स: बता दें कि मार्च 24, 2019 तक 88 हजार 493 यूनीक यूजर थे। वहीं सैफुल्ला ने कहा कि 41 हजार 140 वोटर्स अभी तक पंजीकृत और फिर से रजिस्टर हो चुके हैं।

Read here the latest Lok Sabha Election 2019 News, Live coverage and full election schedule for India General Election 2019

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories