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लोकसभा में भ्रष्टाचारियों के लिए फांसी की मांग उठी

तेदेपा के रवींद्र बाबू ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण देश का विकास प्रभावित होता है और इसे देखते हुए कानून में ऐसा प्रावधान किए जाने की जरूरत है कि ऐसे मामलों में दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।

Author नई दिल्ली | Published on: March 3, 2016 12:40 AM
lok sabha, sumitra mahajan, rail ministry, question hour, lok sabha question hour, rail minister manoj sinha, rail minister absent from lok sabha, vankaiah naidu, BJP, congress, parliament latest newsलोकसभा की कार्यवाही (फाइल फोटो)

भ्रष्टाचार को देश के विकास मार्ग में सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए तेदेपा के रवींद्र बाबू और राजद से निष्काषित राजेश रंजन ने भ्रष्टाचार के दोषियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किए जाने की मांग की। एयरसेल-मैक्सिस सौदे में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे पर लगे आरोपों को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक और बीजद की मांग पर बुधवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत चर्चा हुई। तेदेपा के रवींद्र बाबू ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण सबसे अधिक प्रभावित गरीब व्यक्ति होता है। हर बार हमारे समक्ष भ्रष्टाचार के इतने मामले सामने आते हैं कि सदन का काफी समय ऐसे घोटालों पर चर्चा में निकल जाता है और हम मातृ, शिशु स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसे विषयों को नहीं उठा पाते हैं।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण देश का विकास प्रभावित होता है और इसे देखते हुए कानून में ऐसा प्रावधान किए जाने की जरूरत है कि ऐसे मामलों में दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। राजद से निष्काषित राजेश रंजन ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कानून बनाए जाने की जरूरत है। कानून में ऐसा प्रावधान किया जाए कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी को फांसी हो।

भाजपा के किरीट सोमैया ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के पुत्र से जुड़ी 437 कंपनियों का विस्तार 28 देशों में था। ये सेल कंपनियां थी जो एंबुलेंस से लेकर एअर एंबुलेंस के कारोबार में जुड़ी थी। इन्होंने एनएचआरएम योजना में गरीबों के हक को मारने का काम किया। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री तब अपनी सीमा से बढ़कर धन जारी करने को मंजूरी दी। ऐसे में इस मामले की समयबद्ध तरीके से जांच की जाए और दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए। सोमैया ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया तो वास्तव में पूर्व केंद्रीय मंत्री के पुत्र ने किया जिनसे जुड़ी कंपनियां दो दर्जन से अधिक देशों में कार्यरत दिखी। ऐसा डिजिटल इंडिया तो पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ही बना सकती है। चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस सदस्यों ने यह कहते हुए वाकआउट किया कि इस विषय को उठाने का यह उपयुक्त समय नहीं था और वह लोकसभा को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारी का मंच नहीं बनने दे सकते।

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सभी क्षेत्रीय दलों को मौका मिलना चाहिए। यह भ्रष्टाचार से जुड़ा विषय है। भाजपा के निशिकांत दूबे ने सरकार से यह बताने को कहा कि इन मामलों की कब तक जांच पूरी होगी और कालाधन कब तक वापस आएगा। चर्चा में शिवसेना के आनंदराव अडसूल, टीआरएस के एपी जितेंद्र रेड्डी, वाईएसआर कांग्रेस के राजमोहन रेड्डी, अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा, इनोलोद के दुष्यंत चौटाला व आप के भगवंत मान ने हिस्सा लिया।

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