उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जब राज्य की प्रमुख पार्टियां भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ जुटी हैं तो इसी केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 का चुनाव लड़ने जा रही है।

चिराग पासवान ने कहा, “2027 में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रही है। इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।” हालांकि, चिराग ने यह नहीं बताया कि उनकी पार्टी भाजपा से गठबंधन में चुनाव लड़ेगी या फिर पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।

उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की संभावित चुनावी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी लंबे समय से उत्तर प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करने और राजनीतिक विस्तार की कोशिश कर रही है।

यूपी में सियासी विस्तार की तैयारी

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा चुनावी राज्य है और यहां 403 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में किसी भी नए राजनीतिक दल के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबले की तस्वीर में बदलाव की संभावना रहती है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का यूपी चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति से भी जुड़ा माना जा रहा है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और उसका चुनावी गठबंधन किसके साथ होगा। सीटों और गठबंधन को लेकर पार्टी की ओर से आगे क्या रणनीति सामने आती है यह देखने वाली बात होगी।

बिहार के बाद यूपी पर नजर

चिराग पासवान की पार्टी का मुख्य राजनीतिक आधार बिहार में रहा है। अब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान पार्टी के लिए दूसरे बड़े हिंदी भाषी राज्य में विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दल अपनी स्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में LJP (रामविलास) की एंट्री से खासतौर पर उन सीटों पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ सकती है, जहां पार्टी अपना संगठन और सामाजिक आधार मजबूत करने में सफल होती है।

चिराग पासवान के इस ऐलान ने फिलहाल इतना साफ कर दिया है कि LJP (रामविलास) 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। अब नजर इस बात पर होगी कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ती है और उसका अगला राजनीतिक कदम क्या होता है।

‘2022 में हमारे वोट कटे इसलिए हम चुनाव हार गए’, EC पर अखिलेश का गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को अखिलेश यादव ने कहा है कि 2022 में उत्तर प्रदेश के अंदर उनकी सरकार इसलिए नहीं बनी क्योंकि जिन लोगों ने 2019 में वोट दिया था, उन्हें 2022 में वोट देने का मौका नहीं दिया गया और इसीलिए हम चुनाव हार गए। पढ़ें पूरी खबर।