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याकूब की गोद में बदहवास पड़ा अमृत, सूरत से लौटते बिगड़ी तबीयत, मदद की भीख मांगते दोस्त का वीडियो हो रहा वायरल

ट्रक जब मध्य प्रदेश के शिवपुरी-झांसी हाईवे से गुजर रहा था, तभी अचानक अमृत की तबीयत बिगड़ गई। ट्रक में बैठे बाकी मजदूरों को लगा कि अमृत को कोरोना है। ट्रक में बैठे लोग विरोध करने लगे और डर के मारे अमृत को वहीं उतार दिया।

Migrant worker: बीमार अमृत का सिर गोदी में लिए हाईवे किनारे बैठा मोहम्मद याकूब। (viral photo/Facebook)

कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों को हो रही है। लाखों की संख्या में ये मजदूर देश के कोने-कोने से पलायन कर अपने घर वापस लौट रहे हैं। कोई पैदल अपने घर जा रहा है तो कुछ साइकिल और वाहनों से जा रहे हैं। मजदूरों की दयनीय तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। ऐसी ही एक तस्वीर मध्य प्रदेश से सामने आई है। जहां एक बीमार प्रवासी मजदूर सड़क किनारे दूसरे मजदूर की गोद में बदहवास पड़ा हुआ है। गर्मी की वजह से उसकी हालत बेहद खराब है, साथी मजदूर लोगों से मदद की भीख मांग रहा है, लेकिन कोई उसकी मदद के लिए सामने नहीं आ रहा है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

दरअसल ये तस्वीर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की है। गुजरात के सूरत से कुछ मजदूर ट्रक में सवार होकर उत्तर प्रदेश जा रहे थे। तभी एक 24 वर्षीय मजदूर अमृत की तबीयत बिगड़ गई। अमृत यूपी के बस्ती जिला स्थित अपने घर जा रहा था। उस ट्रक में कई और लोग सवार थे। ट्रक जब मध्य प्रदेश के शिवपुरी-झांसी हाईवे से गुजर रहा था, तभी अचानक अमृत की तबीयत बिगड़ गई। ट्रक में बैठे बाकी मजदूरों को लगा कि अमृत को कोरोना है और वे उसका विरोध करने लगे। जिसके चलते अमृत को वहीं उतार दिया। सूरत की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले इस मजदूर ने यात्रा के लिए 4,000 रुपये दिये थे। लेकिन तबीयत बिगड़ने की वजह से उसे शिवपुरी में उतार दिया गया। अमृत की खराब हालत देख याकूब मोहम्मद भी उसके साथ उतर गया।

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अमृत बेहोशी की हालत में था। दोस्त को ऐसी हालत में देखते हुए याकूब ने कोरोना के डर के बावजूद अमृत का हाथ थामा और उसका सिर अपनी गोद में रख लिया। तस्वीर में याकूब राहगीरों से मदद की गुहार लगाता हुआ दिखाई दे रहा है। लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। गर्मी, उमस और प्यास के चलते अमृत का बुरा हाल था। किसी तरह लोगों की मदद से अमृत को लेकर याकूब जिला अस्पताल पहुंचा। अमृत की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत वेंटीलेटर पर रखा, लेकिन इलाज के दौरान अमृत ने दम तोड़ दिया।

शिवपुरी के सिविल सर्जन डॉ पी खरे ने कहा, “अमृत को तेज बुखार था और उल्टी भी हो रही थी। स्पष्ट लक्षण गर्मी की गंभीर जटिलताओं के हैं, लेकिन कोरोना वायरस के परीक्षण के परिणाम उपलब्ध होने के बाद चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।” याकूब को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है क्योंकि उसके टेस्ट की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

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