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देश में कोरोना के कुल केसों में एक तिहाई महाराष्ट्र से! 10 दिनों में ताजा संक्रमितों में 40% निकले सूबे से

24 मार्च को जब देश में पहला लॉकडाउन लागू किया गया था, तब देश में कुल कोरोना मामलों का महाराष्ट्र में एक-पांचवा हिस्सा था। लेकिन दो महीने के बाद जब देश में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ते हुए 1.3 लाख के पार पहुंच गई है, इसमें महाराष्ट्र की हिस्सेदारी एक तिहाई से अधिक है।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: May 25, 2020 8:21 AM
Coronavirus maharashtra: देश में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं। (indian express photo)

कोरोना वायरस का प्रकोप भारत में बहुत तेजी से फैल रहा है। लगभग तीन महीने हो चुके हैं और देश में सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में हैं। 24 मार्च को, जब देश में पहला लॉकडाउन लागू किया गया था, तब देश के कोरोनावायरस संक्रमणों का महाराष्ट्र में एक-पांचवा हिस्सा था। लेकिन दो महीने के बाद जब देश में संक्रमण तेजी से फैला और संक्रमितों की संख्या 1.3 लाख के पार पहुंच गई है, इसमें महाराष्ट्र की हिस्सेदारी एक तिहाई से अधिक हो गई है। पिछले दस दिनों में संक्रमण के जो नए मामले सामने आए हैं उसके 40 प्रतिशत से अधिक मामले महाराष्ट्र से आए हैं।

महाराष्ट्र ने कुछ समय के लिए तेजी से बढ़ते मामलों में रोक लगाई है और इसे धीमा करने में कामयाबी हासिल की है। इसके चलते राष्ट्रीय आंकड़ों में भी गिरावट आई है। देश में कोरोना मामलों की वृद्धि महाराष्ट्र के हिसाब से ही हो रही है। दूसरे शब्दों में कहे तो अगर महाराष्ट्र में इसके प्रकोप को रोका जाये या कम किया जाये तो इसका सीधा असर देश के बढ़ते मामलों पर पड़ेगा। लेकिन यह करना इतना आसान नहीं है।

चेन्नई में इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमैटिकल साइंसेज के सीताभरा सिन्हा जो बीमारी के प्रसार पर नज़र रख रहे हैं का कहना है कि कन्टेनमेंट प्रोसोक्टिव से देखें तो, यह अच्छा है अगर बड़ी संख्या में संक्रमितों को एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र में केंद्रित कर दिया जाये। इस पूरे क्षेत्र को आइसोलेट किया जा सकता है और इस क्षेत्र से आवागमन को प्रतिबंधित किया जा सकता है। महाराष्ट्र में भी पूरा राज्य समान रूप से प्रभावित नहीं है। मुंबई और पुणे और इनके आस-पास का इलाका सबसे ज्यादा इन्फेक्टेड हैं।

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उन्होने आगे कहा कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जो सबसे बड़ी समस्या है। सैद्धांतिक रूप से, यदि हम यह सुनिश्चित करें की कोई भी व्यक्ति इस छेत्र से बाहर ना जाये और ना ही कोई अंदर जाये तो हम इस वायरस को बिना कहीं और फैलाए इसी छेत्र में रोक सकते हैं। लेकिन पूरे शहरों को क्वारंटाइन में रखना इतना आसान नहीं है। इसमें भारी व्यावहारिक कठिनाइयां हैं, खासकर अगर शहर देश के वित्तीय और औद्योगिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि मुंबई और पुणे।

बता दें पिछले 24 घाटों में महाराष्ट्र में 3041 नए मामले सामने आए जिसके बाद यहां संक्रमितों का आंकड़ा 50000 के पार हो गया है। इसी के साथ अब यहां कुल 50231 संक्रमित हो गए हैं। वहीं इसके संक्रमण से महाराष्ट्र में अब तक 1635 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अकेले मुंबई में संक्रमित मरीजों की संख्या 30542 हो गई है।

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