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बिहार चुनाव: चिराग पर और सख्त हुई नीतीश की पार्टी- राज्यसभा और मोदी कैबिनेट से भी लोजपा को बाहर रखने की क़वायद

जदयू के कम से कम तीन नेताओं ने माना है कि इन मांगों के जरिए वे भाजपा से यह सुनिश्चित कराना चाह रहे हैं कि वह चुनाव में दोहरा खेल नहीं खेल रही।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र पटना | Updated: October 18, 2020 11:02 AM
Chirag Paswan, JDU, Nitish Kumarचिराग पासवान ने इस बार का चुनाव जदयू के खिलाफ लड़ने का ऐलान किया है।

बिहार चुनाव में इस बार लोजपा के एनडीए से अलग होकर लड़ने के फैसले ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। दरअसल, लोजपा नेता चिराग पासवान का कहना है कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू का रास्ता रोकना चाहते हैं और भाजपा के साथ चुनाव के बाद गठबंधन कर सरकार बनाएंगे। इसे लेकर जदयू में भारी गुस्सा है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि लोजपा के जरिए भाजपा राज्य में दोहरा खेल कर रही है। इसी के चलते अब पार्टी में मांग उठ रही है कि अगर लोजपा एनडीए से अलग है, तो रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट को लोजपा के लिए न छोड़ा जाए और न ही चिराग की पार्टी को केंद्र के अगले कैबिनेट विस्तार में जगह दी जाए।

जदयू के सूत्रों का कहना है कि अगर लोजपा ने एनडीए के उम्मीदवारों के खिलाफ लड़ने का फैसला किया है, तो आखिर कैसे उसे राज्यसभा या केंद्र सरकार में जगह देने पर विचार किया जा सकता है? पार्टी के एक नेता ने यह भी कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में जदयू चिराग पासवान के खिलाफ प्रत्याशी जरूर उतारेगी। जदयू के कम से कम तीन नेताओं ने माना है कि इन मांगों के जरिए वे भाजपा से यह सुनिश्चित कराना चाह रहे हैं कि वह चुनाव में दोहरा खेल नहीं खेल रही।

सूत्रों का कहना है कि जदयू की ओर से यह मांगें तब उठी हैं, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता सार्वजनिक मंच पर चिराग की आलोचना कर चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की साझा रैलियों के प्रचार में जुटे हैं। वह भी तब, जब भाजपा का एक वर्ग ‘युवा’ पासवान को ही आगे बढ़ाने की कवायद में है, ताकि नीतीश की पार्टी को कमजोर किया जा सके और उसे छोटे सहयोगी की भूमिका में लाया जा सके। भाजपा का यही वर्ग दलित वर्ग के बीच लोकप्रियता और 5 फीसदी वोट आधार की वजह लोजपा को सहयोगी के तौर पर साथ रखना चाहता है।

गौरतलब है कि बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी कई बार कह चुके हैं कि लोजपा सिर्फ एक वोट कटवा पार्टी है और इस चुनाव में जदयू को चाहे जितनी भी सीटें मिलें, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। इसके अलावा भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव भी नीतीश के खिलाफ चिराग के बयानों को झूठ की राजनीति करार दे चुके हैं। यहां तक की केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर तक लोजपा को वोटकटवा पार्टी बताया था।

दूसरी तरफ जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि पीएम मोदी हर मंच से बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए के लिए वोट मांगेंगे। जदयू की तरफ से नीतीश कुमार खुद हर रैली में पीएम के साथ मौजूद रहेंगे। त्यागी ने आगे कहा कि चिराग के बयानों से उनके और भाजपा के रिश्तों को लेकर कुछ भ्रम पैदा हुआ है। लेकिन पीएम की आने वाली रैलियों में यह बातें साफ हो जाएंगी।

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