UP News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में शनिवार को पांच बच्चे रील बनाने के चक्कर में एक पानी की टंकी में गिर गए। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। बाकी दो बच्चे रात भर टंकी के ऊपर फंसे रहे और रविवार तड़के इंडियन एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें बचाया गया।

पुलिस ने बताया कि यह घटना तब घटी जब बच्चे जिस सीढ़ी से पानी की टंकी से नीचे उतर रहे थे, वह अचानक ढह गई। सिद्धार्थ, गोलू और सनी नाम के तीन लड़के 50 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गए। उनके पीछे आ रहे दो अन्य बच्चे ऊपर ही फंसे रह गए और नीचे नहीं उतर पाए।

सिद्धार्थ को मृत घोषित कर दिया गया

घायल लड़कों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सिद्धार्थ को पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया गया। अन्य दो बच्चों का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

घटना की खबर फैलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, टंकी के निचले हिस्से के आसपास जलभराव के कारण छत पर फंसे दो बच्चों तक पहुंचने के तत्काल प्रयास बुरी तरह बाधित हुए। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत मुश्किल हो गया।

खाना और पानी पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया

पानी की टंकी के ऊपर फंसे दो बच्चों तक खाना और पानी पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। रात भर कई रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दमकल कर्मियों को बुलाया गया और पड़ोसी गोरखपुर जिले से हाइड्रोलिक सीढ़ी मंगाई गई, लेकिन बार-बार किए गए प्रयास लड़कों को सुरक्षित नीचे लाने में विफल रहे।

वायुसेना का हेलीकॉप्टर लगाया गया

अथक प्रयासों के कई घंटों के बाद रविवार तड़के रेस्क्यू ऑपरेशन में वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर को लगाया गया। इससे दोनों बच्चों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया। सिद्धार्थ नगर के जिला मजिस्ट्रेट शिवशरणप्पा जीएस ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के सहयोग से वायु सेना के हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई और रविवार को सुबह लगभग 5.30 बजे दोनों बच्चों को बचा लिया गया।

कोतवाली पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर मिथिलेश कुमार राय ने कहा, “कशीराम कॉलोनी के सामने, जहां बच्चे रहते थे, सालों से इस्तेमाल नहीं की जाने वाली पानी की टंकी थी। टंकी के चारों ओर पानी जमा था, जिससे वहां तक ​​पहुंचना मुश्किल था और आसपास का खतरा भी बढ़ गया था।”

बीजेपी नेता सतीश रस्तोगी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पानी की टंकी पिछले 27-28 सालों से इस्तेमाल नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण के चार साल के अंदर ही इसमें रिसाव शुरू हो गया था और तब से इसे गिराने की योजना बनाई गई थी। सिद्धार्थ की मृत्यु से उनका परिवार सदमे में है। उनके पिता धर्मेंद्र पिछले कई वर्षों से सऊदी अरब में रह रहे हैं और इस महीने के अंत तक उनके घर लौटने की उम्मीद थी।

रील बनाने का जानलेवा जुनून

आधुनिक तकनीक के रूप में मोबाइल या स्मार्टफोन जितना उपयोगी साबित हुआ है, उसके समांतर अब उसके ऐसे खमियाजे भी सामने आ रहे हैं, जो कई बार व्यक्ति को बहुस्तरीय मानसिक परेशानियों के संजाल में फंसा लेते हैं, तो कभी वह उस चक्र में फंस कर अपनी जान भी गंवा बैठता है। स्मार्टफोन में कोई गेम खेलते हुए बच्चों के आत्महत्या कर लेने की खबरें अक्सर सामने आती रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…