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तेलंगाना में चुनाव से पहले जोड़-तोड़ शुरू

राज्यपाल द्वारा पिछले सप्ताह विधानसभा भंग किए जाने के बाद टीआरएस प्रमुख और कामचलाऊ सरकार के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने 105 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। भंग की गई विधानसभा में वारंगल जिले से विधायक कोंडा सुरेखा ने उम्मीदवारों की पहली सूची में अपना नाम नहीं होने पर खुल कर अप्रसन्नता जताई है।

Author September 15, 2018 2:31 AM
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो)

तेलंगाना में आसन्न विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं मिलने के कारण कई लोग जहां खुलकर अपनी अप्रसन्नता जता रहे हैं, वहीं कुछ लोग पुरानी पार्टी का दामन छोड़ नए दल का दामन थाम रहे हैं। इस सभी घटनाक्रमों के कारण तेलंगाना में राजनीतिक जोड़-तोड़ में तेजी आई है। टिकट नहीं मिलने के कारण सबसे ज्यादा अप्रसन्नता टीआरएस के सदस्यों ने जताई है। पार्टी की ओर से 105 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद टिकट नहीं पाने वाले लोग खुलकर बोलने लगे हैं। तेलंगाना विधानसभा में कुल 119 सीटें हैं। राज्यपाल द्वारा पिछले सप्ताह विधानसभा भंग किए जाने के बाद टीआरएस प्रमुख और कामचलाऊ सरकार के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने 105 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। भंग की गई विधानसभा में वारंगल जिले से विधायक कोंडा सुरेखा ने उम्मीदवारों की पहली सूची में अपना नाम नहीं होने पर खुल कर अप्रसन्नता जताई है। टीआरएस के नेता पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोलने के कारण सुरेखा की आलोचना करते हैं। आशा की जा रही है कि सुरेखा आने वाले दिनों में अपनी रणनीति की घोषणा करेंगी। मानचेरिल जिले में टीआरएस के निवर्तमान विधायक चेन्नुर नल्लाला ओदेलु को टिकट नहीं मिलने से कथित रूप से दुखी होकर उनके एक समर्थक ने बुधवार को आत्मदाह का प्रयास किया।

हालांकि, टीआरएस सूत्रों का कहना है कि ओदेलु चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करने को राजी हो गए हैं। तेदेपा छोड़कर टीआरएस में शामिल हुए आदिलाबाद जिले के रमेश राठौड़ ने भी टिकट नहीं मिलने पर निराशा जताई है। टीआरएस से टिकट नहीं मिलने के बाद कुछ नेताओं ने भविष्य की रणनीति तय करने के लिए अपने समर्थकों के साथ बैठक की। पार्टी नेतृत्व इस स्थिति से निपटने के लिए नाराज नेताओं से बातचीत कर रहा है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एकीकृत आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके केआर सुरेश रेड्डी ने बुधवार को पार्टी छोड़कर टीआरएस का दामन थाम लिया। रेड्डी आंध्र प्रदेश में वाईएस राजशेखर रेड्डी की सरकार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष थे।
वहीं 2014 में कांग्रेस छोड़कर टीआरएस गए पूर्व विधायक ए राजेंद्र बुधवार को अपनी पार्टी में लौट आए हैं।

चुनावी तैयारियां जोरों पर
तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही ईवीएम, मतपेटियां तथा वीवीपीएटी मशीनों का आना शुरू हो गया है। कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि अधिकारियों को प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया जा रहा है। मतदाता सूची से संबंधित विषयों को सुलझाने के लिए 32,574 बूथ स्तर के अधिकारी उपलब्ध रहेंगे।उन्होंने बताया कि ईवीएम के अलावा, 52 हजार मतपेटियां, करीब 41 हजार केंद्रीय यूनिट तथा 44 हजार वीवीपीएटी मशीनों के 20 सितंबर से पहले विभिन्न जिलों में पहुंच जाने की संभावना है।

सीईओ ने बताया कि 15 और 16 सितंबर को बूथ स्तरीय अधिकारी सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध होंगे और वे मतदाता सूचियों से संबंधित विषयों को देखेंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव की तैयारियां पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग की एक टीम का राज्य का दौरा करने की भी संभावना है। लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के मकसद से एक प्रमोशनल फिल्म भी बनाई गई है, जिसमें बैडमिंटन कोच गोपीचंद और पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को लिया गया है। चुनाव के दौरान सीईओ कार्यालय में एक मीडिया कंसल्टेंट भी नियुक्त किया जाएगा जो सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान की निगरानी करेगा। कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ी तो निर्वाचन आयोग साइबर अपराध विभाग के साथ मिलकर काम करेगा।

शाह आज से शुरू करेंगे प्रचार
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को महबूब नगर में जनसभा को संबोधित करने के साथ ही तेलंगाना में विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष के लक्ष्मण ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि अपनी एक दिवसीय यात्रा में वह महबूबनगर के लिए रवाना होने से पहले शहर के पुराने इलाके में स्थित देवी महाकाली की पूजा व अर्चना करेंगे। जनसभा के बाद वह शाम को कोथूर में पार्टी के राज्य पदाधिकारियों और जिला इकाई के अध्यक्षों से मुलाकात कर चुनाव की रणनीति तैयार करेंगे। लक्ष्मण ने एक ओर कांग्रेस, तेदेपा, माकपा तो वहीं दूसरी ओर तेलंगाना राष्ट्रीय समिति और आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रस्तावित गठबंध को अपवित्र करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टियां तेलंगाना में कर्नाटक जैसी राजनीति करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, टीआरएस, तेदेपा और कम्युनिस्टों ने पूर्व में एआइएमआइएम के साथ हाथ मिला कर उसे बढ़ने में सहयोग दिया है और लोगों को सावधान होने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरएस सरकार ने एआइएमआइएम के एजंडे को लागू करने के लिए 17 सितंबर को ‘तेलंगाना मुक्तिदिवस’ नहीं मनाया। पार्टी अपने दम पर 119 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

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