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नीतीश ने बिहार में लागू की शराबबंदी, पर भाजपा शासित पड़ोसी झारखंड में गिरी सेल

कयास लगाए जा रहे थे कि बिहार में लगे बैन की वजह से नजदीकी झारखंड के जिलों में बिक्री में तेजी आएगी।
Author रांची | May 12, 2016 04:03 am
1 अप्रैल 2017 से शराब की सभी दुकानें और मीट की दुकानें बंद करने का आदेश। (फाइल फोटो)

बिहार में बीते पांच अप्रैल को शराब की बिक्री पर रोक लगने के बाद पड़ोसी झारखंड सरकार के एक्‍साइज डिपार्टमेंट ने बीते एक महीने में शराब की सेल की रिपोर्ट जारी की है। बिहार से सटे दस जिलों में शराब बिक्री के मिले जुले आंकड़े सामने आए हैं। यह रिपोर्ट ऐसे वक्‍त में सामने आई है, जब इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि बिहार में लगे बैन की वजह से नजदीकी झारखंड के जिलों में बिक्री में रफ्तार आएगी। खास बात यह है कि पिछले साल अप्रैल महीने के मुकाबले इस साल इस महीने में शराब की कुल सेल में कमी आई है।

बता दें कि शराब पर बैन को लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार और झारखंड के सीएम रघुबर दास के बीच तीखी जुबानी जंग हुई। नीतीश ने आरोप लगाया था कि दास शराबबंदी को लेकर कैजुअल रवैया अपना रहे हैं। वहीं, रघुबर दास का कहना था कि वे नीतीश ही थे, जिसकी वजह से बिहार के लोगों को शराब की लत लगी। नीतीश शराबबंदी पर हो रहे एक कार्यक्रम में शरीक होने दस मई को झारखंड के धनबाद जाएंगे। झारखंड के एक महिला संगठन ने नीतीश को आने का न्‍योता दिया, जिसे उन्‍होंने कुछ दिन पहले ही कबूल किया था।

बिहार से सटे जिलों में बढ़ी बिक्री
अधिकारियों का कहना है कि बिहार की सीमा से सटे जिलों-पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, कोडरमा, छतरा, गिरीडीह, दुमका, गोड्डा में शराब की बिक्री बढ़ने के कई कारण हैं क्‍योंकि बिहार में शराबबंदी 5 अप्रैल से हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल महीने में पिछले साल के अप्रैल के मुकाबले देसी शराब की बिक्री में 6.5 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। दस में से छह जिलों में जहां देसी शराब की बिक्री में कमी आई, वहीं बाकी के चार जिलों में सेल्‍स में इजाफा देखने को मिला।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन दस जिलों में भारत में निर्मित विदेशी शराब शराब (IMFL) की बिक्री में 17 पर्सेंट का इजाफा हुआ। सिर्फ एक जिले गढ़वा में गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, राज्‍य में देसी शराब की कुल औसत बिक्री में 18.9 पर्सेंट की गिरावट आई है। वहीं, भारत में निर्मित विदेशी शराब शराब (IMFL) में मामूली 0.43 पर्सेंट की गिरावट आई। इसी समयावधि में राज्‍य में बीयर की बिक्री में 19.5 पर्सेंट का इजाफा हुआ। अधिकारियों का मानना है कि बीयर की सेल्‍स में इजाफा गर्मी की शुरुआत की वजह से हो सकती है।

क्‍या कहना है अधिकारियों का
एक्‍साइज सेक्रेटरी सत्‍येंद्र सिंह ने कहा, ”हमें नहीं लगता कि बिहार में लगे बैन का नजदीकी जिलों में शराब की बिक्री पर कोई असर पड़ा है। अगर ऐसा होता तो हर कैटेगरी और जिले में शराब की बिक्री में इजाफा होता। देखा जाए तो मुख्‍य कैटेगिरी में कुल बिक्री में गिरावट आई है।” अधिकारियों का कहना है कि सालाना आकलन में यह नतीजे सामने आए थे कि नजदीकी जिलों में से अधिकतर में शराब की बिक्री बढ़ेगी। ऐसा शराब बंदी की बात चलने से भी काफी पहले सामने आया था। और तो और, आबकारी विभाग ने रेवेन्‍यू का आंकड़ा पिछले साल के 1200 करोड़ रुपए के मुकाबले बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपए कर दिया है।

शराब पीकर वापस बिहार लौट जाते हैं लोग
एक अधिकारी ने बताया, ”इन जिलों से मिली ग्राउंड रिपोर्ट से पता चलता है कि लोग बिहार से आते हैं और शराब पीकर वापस चले जाते हैं। कई मामलों में वे ट्रेन या पब्‍ल‍िक ट्रांसपोर्ट के जरिए इधर आते हैं और शराब पीते हैं। हम शराब पीने पर बैन नहीं लगा सकते। हालांकि, गैरकानूनी तस्‍करी पर रोक लगा दिया गया है। इस वजह से एसपी और डिप्‍टी कमिश्‍नरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।”

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