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चर्चिल की भाषा बोल रहे हैं जंग: जैन

दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने उपराज्यपाल नजीब जंग की तुलना भारत की आजादी के विरोधी रहे ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल से की है।
Author नई दिल्ली | August 10, 2016 01:59 am
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन

दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने उपराज्यपाल नजीब जंग की तुलना भारत की आजादी के विरोधी रहे ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल से की है। दिल्ली सरकार की फाइलों की समीक्षा के उपराज्यपाल के फैसले और कथित रूप से विधानसभा भंग करने के बयान के बीच गृह मंत्री ने कहा कि वह पूर्व ब्रिटिश वायसराय और चर्चिल की भाषा बोल रहे हैं। वहीं हाई कोर्ट की ओर से उपराज्यपाल को दिल्ली का शासक बताए जाने के बाद मंगलवार को पहली बार दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नजीब जंग से मुलाकात की।

गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘जंग का लोकतंत्र में क्या विश्वास है यह सभी को पता है, उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा, बिना जनमत के ही वह शीर्ष पद पर आसीन हैं, वह उन अंग्रेजों की भाषा बोल रहे हैं जिनके अनुसार भारत को आजादी नहीं दी जा सकती थी क्योंकि यहां के लोग अपना राज्य नहीं चला सकते।’ सोमवार को उपराज्यपाल नजीब जंग ने निर्देश जारी कर दिल्ली के सभी विभागों के प्रमुखों से उन आदेशों का पुनर्वालोकन करने और उन फाइलों की पहचान करने को कहा गया था, जिनके लिए उनकी अनुमति की जरूरत थी और जो आप सरकार की ओर से नहीं ली गई। साथ ही एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में उपराज्यपाल ने कथित तौर पर दिल्ली के विधानसभा को भंग करने की अपनी राय भी सामने रखी थी।

जैन ने कहा कि उपराज्यपाल के पास किसी भी फाइल को देखने का अधिकार है, लेकिन वह इन पर फैसले लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्हे हमारी सारी फाइलों और फैसलों का पुनर्वालोकन करने दीजिए, लेकिन सीधे अधिकारियों को यह निर्देश देने के बजाए उन्हें यह जानकारी मंत्रियों को देनी चाहिए थी। एलजी को कोई भी फाइल मंगवाने का अधिकार है लेकिन यह समुचित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।’ इन तमाम विवादों के बीच उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की, जो कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद पहली मुलाकात है। सूत्रों के अनुसार, यह रूटीन मुलाकात का ही हिस्सा है।

उधर आम आदमी पार्टी ने भी उपराज्यपाल पर कड़ा हमला करते हुए उनकी तुलना पूर्व पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी से की। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आप नेता कुमार विश्वास ने कहा कि मोदी सरकार को एक नया बस्सी मिल गया है। कुमार ने कहा कि विधानसभा को भंग किया जाना है या नहीं, यह फैसला उपराज्यपाल की अनुशंसा का मोहताज नहीं है, इसका निर्णय संसद लेती है। आप नेता ने कहा, ‘मोदी सरकार को भ्रम है कि वह दिल्ली की निर्वाचित सरकार को भंग कर सकती है। हमारी चुनौती है कि वह इस संबंध में प्रस्ताव पास करके दिखाएं।’ गौरतलब है कि दिल्ली सचिवालय और राजभवन की रस्साकशी में उस समय एक नया मोड़ आ गया था जब हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए निर्वाचित सरकार के बावजूद दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख उपराज्यपाल ही हैं।

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