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10 साल बाद भाजपा में लौटे मीणा, राजे ने कहा भाई वापस आया

डॉक्टर मीणा ने पिछले दस साल में मुख्यमंत्री राजे का जमकर विरोध किया था। प्रदेश में हाल में तीन उपचुनाव बुरी तरह से हारने के कारण भाजपा को अब सत्ता खोने का डर सता रहा है। इसी के चलते वसुंधरा राजे के कट्टर विरोधी डॉ मीणा को भी भाजपा ने लुभा लिया।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया रविवार को जयपुर में एनपीपी नेता किरोड़ी लाल मीणा और उनकी पत्नी गोलमा देवी के भाजपा प्रवेश पर उनका स्वागत करते हुए।

राजस्थान में मीणा समाज के दिग्गज नेता विधायक डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा दस साल बाद रविवार को फिर से भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने अपनी पार्टी राजपा का भी भाजपा में विलय कर दिया। भाजपा अब उन्हें राज्यसभा में भेज कर प्रदेश में अपनी खोई ताकत को वापस पाने की कोशिश करेगी। मीणा को भाजपा ने राज्यसभा में भेजने की तैयारी कर ली है। राज्य में 2008 में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से अनबन होने के बाद भाजपा छोड़ने वाले पूर्व मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और उनकी विधायक पत्नी गोलमा देवी के साथ ही उनके दल की एक अन्य विधायक गीता वर्मा ने रविवार को यहां भाजपा से नाता जोड़ लिया।

डॉक्टर मीणा ने पिछले दस साल में मुख्यमंत्री राजे का जमकर विरोध किया था। प्रदेश में हाल में तीन उपचुनाव बुरी तरह से हारने के कारण भाजपा को अब सत्ता खोने का डर सता रहा है। इसी के चलते वसुंधरा राजे के कट्टर विरोधी डॉ मीणा को भी भाजपा ने लुभा लिया। प्रदेश भाजपा दफ्तर में रविवार को मुख्यमंत्री राजे और प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी की मौजूदगी में किरोड़ी मीणा और उनके समर्थकों ने भाजपा की सदस्यता ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री राजे ने मीणा का स्वागत किया और कहा कि ये उनके लिए भावुक पल हैं और उनका भाई वापस घर लौटा है। मीणा ने भी इस मौके पर कहा कि उन्होंने राजे के विरोध में जो कुछ भी किया उसे वे क्षमा कर देंगी। मीणा ने कहा कि उन्होंने कभी भी विचारधारा का विरोध नहीं किया। वे आरएसएस के स्वयंसेवक हैं और भाजपा से बाहर रह कर भी विचारधारा के खिलाफ कभी भी नहीं गए।

प्रदेश में दो लोकसभा और एक विधानसभा उपचुनाव हारने के बाद भाजपा को इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव की चिंता सता रही है। भाजपा आलाकमान का मानना है कि मौजूदा हालात में राजस्थान में फिर से सरकार बनना मुश्किल है। इसलिए उसने पार्टी के पुराने नेताओं पर निगाहें दौड़ानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में किरोड़ी लाल मीणा को फिर से पार्टी में शामिल करवाया गया है। मीणा की कई बार राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात भी हुई है। मीणा का पूर्वी राजस्थान के साथ ही जनजाति समुदाय पर विशेष असर है। प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों पर मीणा की जबरदस्त पकड़ मानी जाती है।

इसके चलते ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें फिर से शामिल करने पर जोर दिया था। इसके बाद ही प्रदेश नेतृत्व सक्रिय हुआ और रविवार को उन्हें सम्मान के साथ जोड़ा गया। भाजपा अब उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बना कर केंद्रीय राजनीति में सक्रिय करने पर विचार कर रही है। प्रदेश में सोमवार को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए भाजपा के प्रत्याशी परचा दाखिल करेंगे। इनमें से एक अब किरोड़ी लाल मीणा भी होंगे। किरोडी मीणा और उनकी पत्नी ने 2008 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय के तौर पर जीता था। पूर्व में कांग्रेस की गहलोत सरकार में गोलमा देवी राज्यमंत्री रही हैं।

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